भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सामान्यतः जनहितैषी और संवेदनशील मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाते हैं। अब वे पर्यावरण प्रेमी के रूप में भी जाने जा रहे हैं। विगत दिनों उन्होंने अमरकंटक में पर्यावरण के हित मे प्रतिदिन एक पौधा लगाने का संकल्प लिया था। इसी क्रम में जबलपुर प्रवास के दूसरे दिन उन्होंने अपने संकल्प को पूरा करने के क्रम में सर्किट हाउस परिसर में रुद्राक्ष का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पौधा लगाकर अपने दैनिक कार्यक्रमों की शुरुआत करते हुए उपस्थित लोगों से धरती को बचाये रखने प्रतिदिन और जीवन के शुभ अवसरों पर एक पौधा लगाने की अपील भी की।

पौध-रोपण कार्यक्रम में आयुष एवं जल संसाधन राज्यमंत्री श्री रामकिशोर कावरे ने भी बेल का पौधा लगाया। इस अवसर पर केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री श्री फग्गनसिंह कुलस्ते, कमिश्नर श्री बी चंद्रशेखर, आई.जी श्री भगवत सिंह चौहान, कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ,जन-प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।

रुद्राक्ष को प्राप्त है विशेष महत्व

रुद्राक्ष का पौधा आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह पवित्र वृक्ष माना जाता है। इसके फल की मालाएं भी धारण की जाती हैं। ऐसा जन विश्वास है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शंकर के नेत्रों के जलबिंदु से हुई। रुद्राक्ष शिव का वरदान है, जो संसार के भौतिक दु:खों को दूर करने के लिए प्रभु शंकर ने प्रकट किया। रुद्राक्ष धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। रुद्राक्ष आमतौर पर भक्तों द्वारा सुरक्षा कवच के तौर पर या ओम नमः शिव मंत्र के जाप के लिए भी पहने जाते हैं। इसके बीज मुख्य रूप से भारत और नेपाल में कार्बनिक आभूषणों और माला के रूप में उपयोग किए जाते हैं। यह भी माना जाता है कि रुद्राक्ष अर्द्ध कीमती पत्थरों के समान मूल्यवान होते हैं।