रायपुर । देश में होने वाले विधानसभा उप चुनाव के लिए मतदान तिथियों के ऐलान के साथ छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित मरवाही विस सीट के लिए उपचुनाव कराया जाएगा। इस सीट के लिए तीन नवंबर को मतदान होगा। राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मृत्यु के बाद से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित यह सीट रिक्त है। जोगी का इस साल 29 मई को निधन हो गया था। छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले ने मंगलवार को अपने कार्यालय से ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में बताया कि निर्वाचन आयोग ने मरवाही विधानसभा क्षेत्र के लिए उप निर्वाचन के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 
निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। मरवाही विधानसभा क्षेत्र गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला में पड़ता है। कंगाले ने बताया कि नौ अक्टूबर को अधिसूचना का प्रकाशन होगा तथा नामांकन दाखिल की प्रक्रिया शुरू होगी। उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर है। वहीं 17 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। जबकि, 19 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इस सीट के लिए तीन नवंबर को मतदान होगा तथा 10 नवंबर को मतों की गिनती होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 190907 है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में 237 मूल मतदान केंद्र और 49 सहायक मतदान केंद्रों सहित कुल 286 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। 
अधिकारी ने बताया कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार मतदान केंद्र में अधिकतम मतदाताओं की संख्या को 1000 तक सीमित किया गया है। मतदान करने के लिए आने वाले प्रत्येक मतदाता को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। प्रत्येक मतदाता को मतदान करने के लिए ग्लव्स प्रदान किया जाएगा। जोगी के निधन के बाद से यह सीट रिक्त है। वर्ष 2000 में नए छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद से मरवाही विधानसभा सीट जोगी के परिवार के पास ही है। राज्य निर्माण के बाद जब अजीत जोगी राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने तब वर्ष 2001 में उपचुनाव में जोगी इसी सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद वर्ष 2003 और वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में जोगी को इस सीट से जीत मिली थी। जबकि वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में उनके पुत्र अमित जोगी इस सीट से विधायक चुने गए थे। 
राज्य में वर्ष 2016 में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं से मतभेद के चलते जोगी ने नई पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन कर लिया था। बाद में उनकी पार्टी ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से जीत हासिल की थी। अजीत जोगी इस सीट से विजयी हुए थे। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में राज्य की 90 सीटों में से 68 सीटों पर कांग्रेस ने तथा 15 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी। जबकि जोगी की पार्टी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन को सात सीटें मिली थी। राज्य में वर्ष 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से सत्ताधारी दल ने चित्रकोट और दंतेवाड़ा विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में जीत हासिल की है। राज्य में अब कांग्रेस के पास 69 तथा भाजपा के पास 14 सीटें हैं।