इस बार बाएं हाथ की अंगुली में लगेगी स्याही
दाएं हाथ में ग्लव्ज पहनकर डालना होगा वोट

भोपाल । कोरोना वायरस ने इस बार मतदान की निशानी पर भी अपना असर दिखाया है। इस बार पहली बार ऐसा होगा जब दाएं की जगह बाएं हाथ की अंगुली पर अमिट स्याही लगेगी। कोरोना संक्रमण के कारण मतदाता को ग्लव्ज दिया जा रहा है, जो सीधे हाथ में पहना जाएगा। सीधे हाथ में ग्लव्ज होने के कारण स्याही लगाना संभव नहीं होगा इसलिए बाएं हाथ की अंगुली पर स्याही लगाई जाएगी। ज्ञात रहे कि कोरोना संक्रमण के कारण उपचुनाव की व्यवस्थाओं में काफी बदलाव किए गए हैं। इस बार किसी भी मतदान केंद्र पर एक हजार से ज्यादा की पोलिंग नहीं रखी गई है। साथ ही मतदाताओं के लिए हर मतदान केंद्र पर मास्क, ग्लव्ज और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। मतदान दलों को पीपीई किट और केंद्र पर थर्मल स्कैनर तक की व्यवस्था होगी। कोरोना संक्रमित या कोई ज्यादा तापमान वाला वोटर आता है तो उसे मतदान के आखिरी घंटे में वोट डालने का अवसर मिलेगा।
इसी कारण चुनाव आयोग ने मतदान के समय को एक घंटा ज्यादा रखा है 1962 में पहली बार लगी थी स्याही भारत में पहली बार चुनाव 1951-52 में हुए थे, मगर तब स्याही लगाने का नियम नहीं था। बाद में एक ही मतदाता की ओर से बार-बार वोट डालने की शिकायतें मिलीं तो अमिट स्याही का विकल्प रखा गया।
चुनाव आयोग ने नेशनल फिजिकल लैबोरेटरी ऑफ इंडिया से स्याही को लेकर बात की, जो मिट न सके। इस लैब ने मैसूर पेंट एंड वार्निश कंपनी को यह स्याही बनाने का ऑर्डर दिया और 1962 में पहली बार चुनाव में स्याही का उपयोग किया गया।