लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने घर वापसी को लेकर मजबूर, प्रवासी श्रमिकों की बदहाली पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि इसकी चिंता व केन्द्र व राज्य सरकारों को नहीं है। थोड़ी राहत इस बात की है कि न्यायालयों ने सरकारों से सवाल‑जवाब शुरू कर दिया है।

बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को ट्वीट किया कि जिस प्रकार से लाॅकडाउन से पीड़ित व घर वापसी को लेकर मजबूर प्रवासी श्रमिकों की बदहाली व रास्ते में उनकी मौत आदि के कड़वे सच मीडिया के माध्यम से देश‑दुनिया के सामने हैं। वह पुनःस्थापित करते हैं कि केन्द्र व राज्य सरकारों को इनकी बिल्कुल भी चिन्ता नहीं है, यह अति-दुःखद है।

दूसरे ट्वीट में लिखा “देश में लाॅकडाउन के आज 65वें दिन यह थोड़ी राहत की खबर है कि न्यायलयों ने कोरोनावायरस की जाँच व इलाज में सरकारी अस्पतालों की बदहाली, निजी अस्पतालों की उपेक्षा व प्रवासी मजदूरों की बढ़ती दुर्दशा व मौतों के सम्बंध में केन्द्र व राज्य सरकारों से सवाल‑जवाब शुरू कर दिया है।”