CBSE ICSE Exams 2020 : सीबीएसई और आईसीएससी बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को कहा कि असेसमेंट स्कीम के आधार पर 10वीं और 12वीं के नतीजे 15 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। सीबीएसई ने कहा कि रद्द हुईं शेष परीक्षाओं के मार्क्स असेसमेंट स्कीम से दिए जाएंगे। इस स्कीम के तहत बोर्ड परीक्षा के पिछले तीन पेपरों के मार्क्स के आधार पर रद्द हुए शेष पेपरों में नंबर दिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को रद्द परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को मार्क्स देने की असेसमेंट स्कीम (मूल्यांकन योजना) पर आगे बढ़ने की अनुमति दे दी है। 

साथ ही शीर्ष अदालत ने सीबीएसई को 10वीं 12वीं की शेष परीक्षाएं रद्द करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करने की इजाजत भी दे दी 

क्या है असेसमेंट स्कीम फॉर्मूला, शेष परीक्षाओं के लिए कैसे दिए जाएंगे मार्क्स
सीबीएसई ने कोर्ट में बताया कि असेसमेंट स्कीम के तहत बोर्ड परीक्षा के पिछले तीन पेपरों के मार्क्स के आधार पर नंबर दिए जाएंगे। असेसमेंट फॉर्मूले के तहत जिनके 3 से अधिक पेपर हो चुके हैं, उन्हें बेस्ट 3 के औसत अंकों पर बाकी सब्जेक्ट में नम्बर मिलेंगे। जिनके 3 पेपर हुए हैं, उन्हें बेस्ट 2 की औसत पर नम्बर मिलेंगे। 

12वीं के छात्र अगर चाहें तो बाद में परीक्षा में बैठकर सुधार सकते हैं प्रदर्शन
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि अपने स्कोर को सुधारने के लिए 12वीं के स्टूडेंट्स को ऑप्शनल एग्जाम में बैठने का अवसर दिया जाएगा। अगर 12वीं का स्टूडेंट्स ऑप्शनल परीक्षा में बैठता है, तो इसी परीक्षा के मार्क्स को फाइनल स्कोर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को सुधार परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। 

क्या कहा ICSE ने - 
ICSE ने कोर्ट में कहा, वह 10वीं और 12वीं दोनों कक्षा के छात्रों को बाद में परीक्षा देने का विकल्प दे सकते हैं। लेकिन स्टूडेंट्स को मार्क्स देने का फॉर्मूला सीबीएसई से थोड़ा अलग होगा। 

सीबीएसई आज ही अधिसूचना जारी करेगा, जबकि आईसीएसई एक सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करेगा। सीबीएसई 10वीं के लिए परीक्षा का विकल्प नहीं देगा, जबकि आईसीएसई 10वीं में भी विकल्प देगा। 

इससे पहले गुरुवार को सीबीएसई को सुप्रीम कोर्ट ने नया नोटिफिकेशन और हलफनामा दाखिल करने के लिया कहा था। कोर्ट ने कहा था कि नए नोटिफिकेशन में बोर्ड की इंटरनल असेसमेंट स्कीम, उसकी समयसीमा, रिजल्ट का समय, स्टूडेंट्स को दिए गए ऑप्शन की विस्तृत डिटेल होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि वह विभिन्न राज्यों में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुये 12वीं कक्षा के लिये दोबारा परीक्षा, इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक मूल्यांकन), रिजल्ट की तारीख और री-एग्जाम की स्थिति से संबंधित मुद्दों पर शुक्रवार (आज) विचार करेगा।शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि सीबीएसई और केन्द्र के अधिवक्ता ने संक्षिप्त हलफनामा पेश किया। इन मामलों को शुक्रवार को सवेरे साढ़े 10 बजे उचित आदेश के लिये सूचीबद्ध किया जाये।

1 से 15 जुलाई के बीच होने वाली परीक्षाएं रद्द, 12वीं वालों को दिए गए 2 ऑप्शन
सीबीएसई और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गुरुवार को बताया कि 1 से 15 जुलाई के बीच होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। सीबीएसई 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है। छात्रों को अब इसके लिए कोई परीक्षा नहीं देनी होगी। वहीं सीबीएसई 12वीं के छात्र-छात्राओं को दो विकल्प दिए गए हैं। या तो वे आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) के आधार पर मार्क्स पाएं या फिर बाद में परीक्षा में शामिल हों। सरकार और सीबीएसई की ओर से सोलिसोटिर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी। तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत में बताया कि जब स्थिति ठीक होगी, तब 12वीं के उन स्टूडेंट्स की परीक्षा ली जाएगी जिन्होंने परीक्षा का ऑप्शन चुना होगा। केंद्र सरकार इंटरनल असेसमेंट को लेकर शुक्रवार तक उचित योजना लेकर आएगी। इंटरनल असेसमेंट में विद्यार्थी को पिछली 3 परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन का विकल्प दिया जाएगा।