बच्चे के लिए मां का दूध पीना ही सबसे अच्छा होता है। मां के दूध में बहुत सारे पोष्टिक तत्व होते हैं जो बच्चे को बीमारियों से बचाए रखते हैं ऐसे में आजकल कुछ महिलाएं अपने बच्चों को प्लास्टिक की बोतल से दूध पिलाने लगी हैं लेकिन इससे बच्चे की सेहत पर प्रभाव पड़ सकता है जिससे बच्चा कमजोर भी हो सकता है। 

अगर आप भी अपने बच्चे को बोतल से दूध पिलाती हैं तो इससे बहुत सारे नुक्सान हो सकते हैं। 

बन सकता है मोटापे का खतरा
जब महिलाएं बच्चों को बोतल से दूध पिलाने लगती हैं तो इससे बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ जाती है जो कि बच्चे के भविष्य के लिए काफी नुक्सान दायक हो सकती है। 

हो सकती है पेट संबंधी समस्याएं 
बोतल से दूध पीने के कारण बच्चे को पेट के संबंधी बहुत सारी समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि बच्चे को दस्त लग सकते हैं या फिर वो डायरिया का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा बच्चे को छाती में इंफेक्शन, यूरीन इंफेक्शन जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। 

बाहरी दूध में हो सकती है मिलावट 
महिलाएं ज्यादातर बच्चों को मार्केट का दूध देती हैं लेकिन मार्केट के दूध में रसायन तत्व मौजूद होते हैं जिससे बच्चों की सेहत पर काफी असर पड़ सकता है क्योंकि मार्केट का दूध पुराना भी हो सकता है। 

इम्यून सिस्टम होता है कमजोर 
बोतल का दूध पीने से बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता हैं क्योंकि उसे मां के दूध का पोषक तत्व नहीं मिल पाता है जिससे धीरे धीरे बच्चे का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है।