• पंजाब के तीन जिलों में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्‍या 113 पहुंच गई, मौतों की मजिस्‍ट्रेट जांच शुरू
  • शुक्रवार को मृतकों के परिवारों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा-परिवारों से पूरी हमदर्दी

पंजाब में जहरीली शराब के सेवन से मरने वाले लोगाें के परिजनों को राज्य सरकार की तरफ से 5-5 लाख रुपए आर्थिक सहायता और नौकरी दी जाएगी। यह ऐलान शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किया है। हालांकि पहले राज्य सरकार की तरफ से इन परिवारों को 2-2 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की गई थी। अब जबकि इस घटना को पूरा एक सप्ताह बीत चुका है तो आज कैप्टन जहरीली शराब पीकर जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मिले। इस दौरान सीएम ने मृतकों के परिवार को पांच लाख रुपए, एक परिजन को नौकरी देने के अलावा सभी पीड़ित परिवारों को बीमा योजना का लाभ भी दिए जाने का ऐलान किया। सीएम ने कहा कि जिन लोगों की आंखों की रोशनी गई है, उन्हें भी पांच लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।

एक सप्ताह से मचा है प्रदेश में कोहराम

दरअसल, पिछले एक सप्ताह में पंजाब के सीमावर्ती जिलों अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर में जहरीली शराब पीने से 113 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे पहले 30 जुलाई को अमृतसर जिले के गांव मुच्छल से 7 लोगों की मौत का मामला सामने आया था। इसके बाद तरनतारन जिले में कई जगह से तो साथ ही गुरदासपुर के बटाला में भी एक के बाद एक मौतों मे बेतहाशा बढ़ोतरी हुई थी। सबसे ज्यादा मौतें तरनतारन जिले में हुई हैं।

40 से ज्यादा लोग किए जा चुके गिरफ्तार, कई पुलिस वाले हो चुके सस्पेंड

इस मामले में अब तक तीनों जिलों में 40 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 4 थाना प्रभारियों और एक डीएसपी को सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं अलग-अलग एसआईटी गठित कर रखी हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने इस अनहोनी के प्रकाश में आने के अगले दिन इसकी न्यायिक जांच के आदेश् दे दिए थे। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में भी मुख्यमंत्री ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को सीमावर्ती जिलों में अवैध शराब के कारोबार को सिरे से मिटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हुई

जालंधर डिवीजन के कमिश्नर राज कमल चौधरी ने मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी। वह अपनी रिपोर्ट 21 दिन के भीतर तैयार कर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को देंगे। राज कमल चौधरी ने अमृतसर के बचत भवन में अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा, अमृतसर देहाती के एसडीएम सुमित मुद, एसपी गौरव तूड़ा, बटाला के एसडीएम बलविंदर सिंह, एसपी तेजबीर सिंह हुंदल और तरनतारन के एसडीएम रजनीश अरोड़ा और एक्साइज विभाग के अफसर एचएस बावा के साथ दो घंटे तक बैठक की।

दी जाएगी ये मदद

इसी बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस घटनाक्रम के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हर मृतक के परिवार को पांच लाख रुपए, एक परिजन को नौकरी देने के अलावा सभी पीड़ित परिवारों को बीमा योजना का लाभ भी दिए जाने का ऐलान किया। सीएम ने कहा कि चूंकि पीड़ित परिवार गरीबी रेखा से नीचे के है, ऐसे में उनके कच्चे घरों को पक्का किया जाएगा। दिव्यांगों को ट्राईसिकल दी जाएगी। सीएम ने कहा कि जिन लोगों की आंखों की रोशनी गई है, उन्हें भी पांच लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कहा कि उन्हें परिवारों से पूरी हमदर्दी है। सरकार आरोपियों को सजा दिलाएगी।

पहले दो लाख रुपए के मुआवजे की बात कही थी कैप्टन ने

हालांकि पिछले शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने हर मृतक के परिवार को दो-दो लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था। दूसरी ओर इस मसले को लेकर पिछले दिनों से प्रदेश में राजनीति का माहौल गर्म है। एक तरफ विरोधी पार्टियां कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं अपनी पार्टी का नेतृत्व भी दो-फाड़ हो चला है। अकाली दल-भाजपा और आम आदमी पार्टी की तरफ से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की जा रही थी। इसी के चलते प्रदेश की सरकार ने दबाव में आकर फैसले में बदलाव किया है।