भोपाल । सोर्स (रेडियाएक्टिव मैटेरियल) खत्म होने से हमीदिया अस्पताल में ब्रैकी थैरेपी मशीन से कैंसर की सिकाई बंद हो जाएगी। इससे अस्पताल में आने वाले कैंसर के मरीजों को असुविधा का सामना करना पडेगा। मशीन के इसी सप्ताह बंद होने की पूरी संभावना है। वजह, सिकाई के लिए इस मशीन में लगा सोर्स (रेडियाएक्टिव मैटेरियल) इस हफ्ते खत्म होने जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन को पहले से ही सोर्स खत्म होने की जानकारी थी। इसके बाद भी सोर्स नहीं खरीदा गया। सोर्स की खरीदी भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर द्वारा तय कंपनियों से की जाती है। हमीदिया अस्पताल के रेडियोथैरेपी विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि 3-4 दिन के भीतर सोर्स खत्म होने पर मशीन बंद हो जाएगी। नया सोर्स खरीदने के लिए आर्डर भेज दिया गया है पर सप्लाई होने में माह तक लग जाएंगे। तब तक मरीजों की हमीदिया में सिकाई नहीं हो पाएगी। उन्हें निजी अस्पतालों में सिकाई के लिए जाना होगा। निजी अस्पतालों में सभी साइकिल मिलाकर सिकाई का खर्च करीब 20 हजार रुपए है। हमीदिया अस्पताल में सिकाई मुफ्त की जा रही है। यहां रोजाना करीब 30 मरीजों की इस मशीन से सिकाई की जाती है। कैंसर मरीजों की सिकाई के लिए हमीदिया अस्पताल में कोबाल्ट 60 मशीन लगी है। यह मशीन करीब 36 साल पुरानी है। 
    विभाग के डॉक्टरों का दावा है कि यह भारत की सबसे पुरानी मशीन हो सकती है। इस मशीन में लगने वाला सोर्स भी अगस्त में खत्म हो जाएगा। इसके बाद हमेशा के लिए यह मशीन बंद हो जाएगी। मशीन पुरानी होने के चलते इसके लिए फिर से सोर्स खरीदने की तैयारी में अस्पताल प्रबंधन नहीं है। इसकी बड़ी वजह यह है कि मशीन में एक बार में कम से कम 10 साल के लिए सोर्स लगता है। 10 साल के लिए सोर्स की कीमत करीब 80 लाख रुपए है। मशीन कंडम होने की कगार पर है। बार-बार बिगड़ रही है। यह अधिक से अधिक एक-दो साल और चल सकती है। ऐसे में 80 लाख रुपए से सोर्स डलवाना बेकार हो जाएगा। सूत्रों की माने तो कोबाल्ट 60 मशीन से दूर से कैंसर प्रभावित जगह की सिकाई की जाती है। सोर्स के तौर पर कोबाल्ट 60 का उपयोग किया जाता है। हमीदिया में फ्री में इस मशीन से सिकाई की जाती है। निजी अस्पताल में पूरे साइकिल के 20 हजार रुपए तक लगते हैं। वहीं ब्रैंकी थैरेपी में सोर्स को कैंसर प्रभावित जगह के सीधे संपर्क में लाकर सिकाई की जाती है। पहले कोबाल्ट से सिकाई की जाती है। इसके बाद इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस बारे में रेडियोथैरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. ओपी सिंह का कहना है कि ब्रैकी थैरेपी मशीन का सोर्स हफ्ते भर के पहले ही खत्म हो जाएगी। कोबाल्ट-60 भी अगस्त में बंद हो जाएगी।