भोपाल । प्रदेश में होने जा रहे उपचुनाव में कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों से हिसाब चुकता करने में पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस के चुनाव अभियान के केंद्र में ग्वालियर-चंबल की 16 विधानसभा सीटें ही हैं, जबकि 12 अन्य सीटों पर भी उपचुनाव है। सत्ता के समीकरणों को साधने के लिए कांग्रेस को इन पर जीत दर्ज करना भी जरूरी है। पार्टी फेसबुक, ट्वीटर और वॉटसएप पर भी रानी लक्ष्मी बाई के सहारे गद्दारी और सौदेबाजी के मुद्दे को लेकर वीडियो वायरल करके सिंधिया पर हमला कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ हों या फिर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, दोनों के निशाने पर सिंधिया हैं। दरअसल, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में पार्टी की सियासत शुरुआत से सिंधिया के समर्थक और विरोधियों के बीच टिकी रही है। संतुलन बनाने के लिए दोनों धड़ों को साथ लेकर अब तक कांग्रेस चलती रही है।सिंधिया और उनके समर्थकों की बगावत के कारण हो रहे उपचुनाव को लेकर कांग्रेस का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि सिंधिया से हर हाल में हिसाब चुकता करना है। यही वजह है कि चुनाव अभियान भी उनके ईद-गिर्द ही केंद्रित है। बीच में एक दौर जरूर ऐसा आया था, जब कांग्रेस का प्रचार अभियान भटका था, पर अब फिर गद्दारी, सौदेबाजी, बिकाऊ और टिकाऊ पर लौट आया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कार्यकर्ताओं से चुनाव के अंतिम दौर में पूरी मुस्तैदी से टिके रहने की जो अपील की है, उसमें भी सौदेबाजी और गद्दारी को उभारा गया है।कांग्रेस की ओर से ट्वीटर पर जो वीडियो वायरल किया गया है उसमें भी इसी बात को रेखांकित किया गया है कि उपचुनाव गद्दारी के कारण हो रहे हैं। वॉटसएप, फेसबुक और ट्वीटर पर एक वीडियो और वायरल हुआ है, जिसमें झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के साथ हुए धोखे को आधार बनाकर सिंधिया पर हमला किया गया है। पार्टी का सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ कार्यकर्ताओं के माध्यम से इसे ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचाने के काम में लगा है। उधर, ग्वालियर-चंबल में उपचुनाव के मीडिया प्रभारी केके मिश्रा का कहना है कि मध्यप्रदेश में जनादेश को खंडित किया गया और लोकतंत्र की हत्या हुई है। इसके लिए सिर्फ और सिर्फ ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक पूर्व विधायक जिम्मेदार रहे हैं। इनके वास्तविक चेहरे को जनता के सामने लाने में न सिर्फ कांग्रेस कामयाब हुई है, उन्हें धरातल की याद भी दिला दी है। जनता इस थोपे गए उपचुनाव का जवाब उन्हें और भाजपा को जरूर देगी।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा का कहना है कि पार्टी ने हर एक सीट के लिए रणनीति तैयार की है। पूर्व मंत्री, विधायक सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी बनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा सहित अन्य नेता लगातार जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे हैं। स्टार प्रचारकों को जरूरत और समीकरणों के हिसाब से भेजा जाता है।