राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा है कि कोविड-19 को देखते हुए विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) खेल के सुचारू रूप से संचालन के लिए आने वाले दिनों में कुछ नये तरीके अपनाए। गोपीचंद के अनुसार इसके लिए एक स्थल पर अधिक टूर्नामेंटों का आयोजन किया जा सकता है। कोरोना वायरस की वजह से बीडब्ल्यूएफ ने ओलिंपिक क्वॉलिफायर्स सहित अपनी सभी प्रतियोगिताओं को जुलाई तक के लिए निलंबित कर दिया है। 
स्वास्थ्यकर्मियों से लें सलाह 
गोपीचंद ने कहा, ‘बीडब्ल्यूएफ को स्वास्थ्यकर्मियों से बात कर प्रारुप को संशोधित करने के साथ ही टूर्नामेंट के ढांचे को भी बदलना चाहिए। साथ ही कहा कि वह सब कुछ करना चाहिए जो कि जरूरी हो। वहीं अगर कुछ नया करने की जरूरत है तो उसे करो और खेल को आगे बढ़ाओ।’ इससे पहले अंतरराष्ट्रीय सर्किट को बचाने के लिए बीडब्ल्यूएफ ने थॉमस और उबेर कप जैसी अहम प्रतियोगिताओं को अक्टूबर तक के लिए स्थगित करने के साथ ही भारत सहित सभी संबंधित देशों को निलंबित ओलिंपिक क्वॉलिफायर्स के लिए नई तारीखें तय करने को कहा था। गोपी ने कहा, ‘मेरी चिंता यह है कि आप तिथियां बदलने की कोशिश कर रहे हो पर मुझे लगता है कि शायद सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। अगर ऐसा ही चलता रहा और पूरे जत्थे को फिर से विभिन्न देशों की यात्रा करनी पड़ी है तो यह खिलाड़ियों को खतरे में डालने जैसा काम होगा।’
प्रारुप में हो बदलाव
उन्होंने कहा कि बैडमिंटन खिलाड़ियों को लगभग हर सप्ताह नए टूर्नामेंट के लिए यात्रा करनी पड़ती है। इसलिए इस प्रारुप में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं यह कहना चाहता हूं कि टूर्नामेंट के लिए योजना इस तरह से बनानी चाहिए कि खिलाड़ी अधिकतर टूर्नामेंटों को खेलने के लिए एक स्थान पर ही रहें। आगे ऐसा होना आम हो सकता है।’ माना जा रहा है कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए खेलों को दर्शकों के बिना खाली स्टेडियमों में ही खेला जाएगा। कोच ने कहा, ‘अगर दर्शक नहीं होते हैं ओर खेल टीवी और इंटरनेट तक ही सीमित रहेगा तो फिर यह मायने नहीं रखेगा कि आप इनका आयोजन तीन अलग अलग स्थानों पर कर रहे हो या खिलाड़ियों को तीन सप्ताह के लिए एक स्थान पर ही रखते हो।’ उन्होंने कहा, ‘टूर्नमेंट को तीन स्थानों जैसे इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर में आयोजित करने के बजाय उन्हें एक स्थान पर ही आयोजित करो।’