• रोलिंग स्टॉक यार्ड में बुलेट ट्रेन के रेक के सभी पार्ट की होगी मरम्मत
  • यहां बुलेट ट्रेन के व्हील एक्सेल पार्ट, पेंटाग्राफ, ओवर हेड इक्विपमेंट, मोटर कैब की जांच होगी

अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन के 508 किमी रूट में 8 मेंटेनेंस डिपो के साथ 3 बड़े रोलिंग स्टॉक मेंटेनेंस यार्ड डिपो भी बनाए जाएंगे। तीन में से एक यार्ड डिपो सूरत में बनेगा। यहां पर बुलेट ट्रेन के रेक के हर एक रोलिंग पार्ट की मरम्मत होगी। रोलिंग स्टॉक मेंटेनेंस यार्ड में बुलेट ट्रेन के व्हील एक्सेल पार्ट, पेंटाग्राफ, ओवर हेड इक्विपमेंट, मोटर कैब आदि की बारीकी से जांच पड़ताल होगी। इसके लिए शेड निर्माण स्टैंडर्ड गेज बुलेट रेल लाइन, बुलेट रेल पिट लाइन आदि का काम होगा।

एनएचएसआरसी (नेशनल हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन) की प्रवक्ता सुषमा गौर ने बताया कि बुलेट ट्रेन के रूट में सूरत, ठाणे और साबरमती में 3 बड़े रोलिंग स्टॉक मेंटेनेंस यार्ड डिपो बनाने का निर्णय लिया गया है। इनमें से सूरत और ठाणे यार्ड के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। अब इसे अवाॅर्ड किया जाएगा। उसके बाद कांट्रेक्टर तय होंगे और आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगाी। 8 सामान्य मेंटेनेंस डिपो भी बनेंगे। सूरत में मेंटेनेंस और रोलिंग स्टॉक दोनों डिपो बनाए जाएंगे।

इन शहरों में बनेंगे रोलिंग स्टाॅक डिपो

सूरत, साबरमती, ठाणे शहर

इन शहरों बनेंगे बुलेट ट्रेन के सामान्य मेंटेनेंस डिपो

ठाणे, बोइसर, वापी, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, साबरमती

तापी और नर्मदा नदी पर बनेंगे ब्रिज

अहमदाबाद से मुंबई हाई स्पीड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए अब तक कुल 60% जमीन का अधिग्रहण हुआ है। इसमें 37% गुजरात में और 23% जमीन अधिग्रहण महाराष्ट्र में हुआ है। 508 किमी रूट में 27 अत्याधुनिक स्टील ब्रिज बनेंगे। सूरत में तापी नदी, भरूच के पास नर्मदा नदी पर भी ये ब्रिज बनेंगे। गुजरात मे जमीन अधिग्रहण की समस्या लगभग दूर हो चुकी है। हालांकि जब तक 90% ज़मीन अधिग्रहण पूरा नहीं हो जाता, तब तक पटरी बिछाने का काम शुरू नहीं होगा।

निर्माण कार्य शुरू करने से पहले लगाए 1500 पौधे

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा। इस काम में कई पेड़ों को काटना पड़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए एनएचएसआरसीएल ने सूरत में 28 और 29 जुलाई को 1500 पौधे लगवाए। पीपल, नीम, एलोस्टोनिया, आम और कॉनकॉर्पस आदि के पौधे लगाए गए। यह काम पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान के तहत किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जहां-जहां निर्माण कार्य होगा वहां पेड़ की कटाई भी होगी।