उन्नाव। सीबीआई की विशेष कोर्ट बाबरी विध्वंस  मामले पर अपना फैसला सुनाएगी। बाबरी विध्वंस के आरोपी उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने मंगलवार को कहा कि विवादित बाबरी ढांचा हिंदुस्तान के माथे पर एक कलंक जैसा था। फैसले से एक दिन पहले बीजेपी सांसद ने कहा कि 28 साल बाद कल इस मामले में जजमेंट आने वाला है। भगवान राम के लिए जो भी निर्णय आएगा व मान्य होगा।
 साक्षी महाराज ने कहा कि 6 दिसंबर को मैं अयोध्या में मौजूद था। मेरी वकीलों से बात हुई है, मेरे ऊपर कोई दोष नहीं बन रहा है। अगर मेरे को कोर्ट दोषी करार देता है कि तो मैं भगवान राम के लिए जिंदगी भर जेल में रहने के लिए तैयार हूं। माला पहनकर हंसते- हंसते जेल जाऊंगा। उधर, फैसले से पहले बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार हाजी महबूब ने बाबरी विध्वंस के आरोपियों को सजा देने की कोर्ट से अपील की है। हाजी महबूब का दावा है कि घटना के दिन आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और विनय कटियार मौजूद थे। इसलिए सभी आरोपियों को सजा मिली चाहिए।
इससे पहले पूर्व सांसद और राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रामविलास दास वेदांती ने कहा कि यदि कोर्ट इस मामले में उन्हें उम्रकैद या फांसी की सजा भी देती है तो उन्हें मंजूर होगा। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को लखनऊ के सीबीआई कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया है। कोर्ट पहुंचकर वह आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं। कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह हमें मंजूर होगा। वेदांती ने कहा कि हमें इसका गर्व है कि उस मंदिर के खंडहर को हमने तुड़वाया है, जिसकी जिम्मेदारी भी मैंने ली है और 30 सितंबर को आने वाले फैसले का स्वागत करेंगे। इस फैसले में यदि हमें उम्रकैद या फांसी की सजा भी होती है तो इससे बड़ा सौभाग्य नहीं होगा। 30 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है, इसलिए 30 सितंबर को 10 बजे कोर्ट में हाजिर रहूंगा।