भोपाल । सतना जिले की मैहर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने पृथक विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर पार्टी लाईन से अलग हटकर शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हमारा विंध्य हमे लौटा दो नारे के साथ त्रिपाठी ने बुधवार को सीधी जिले के चुरहट में एक बड़ी सभा की। मैहर से लगभग 300 वाहनों के काफिले के साथ त्रिपाठी चुरहट पहुंचे थे। खास बात यह है कि मंच पर जो बैनर लगाया गया था उसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के विंध्य क्षेत्र के नेताओं के फोटो लगाए गए थे।
समाजवादी पार्टी से कांग्रेस में होते हुए भाजपा में आए विधायक नारायण त्रिपाठी को पिछले दिनों भोपाल के भाजपा मुख्यालय में बुलाकर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने हिदायत दी थी कि उन्हें जो भी करना और कहना है पार्टी फोरम पर कहें। लेकिन लगता है कि त्रिपाठी पर इस हिदायत का कोई असर नहीं हुआ है। त्रिपाठी ने विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करने का फैसला कर लिया है। उन्होंने सबसे बड़ा प्रदर्शन पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के गृह नगर चुरहट में कर डाला है। त्रिपाठी सतना, रीवा, सीधी में पिछले लंबे समय से बैठकें कर रहे हैं। वे स्वयं को विंध्य का सर्वमान्य नेता घोषित कराने में जुटे हैं।  चुरहट में हुई सभा में उन्होंने साफ कहा कि वे बुंदेलखंड के साथ नहीं रहना चाहते उन्हें पृथक विंध्य राज्य चाहिए। सभा के मंच पर उन्होंने जो बैनर लगाया था उसमें अटल बिहारी वाजपेयी से  लेकर अर्जुनसिंह तक के फोटो थे। लगभग साल भर  पहले कमलाथ सरकार के दौरान भी नारायण त्रिपाठी ने भाजपा को झटका देते हुए कमलनाथ का दामन थाम लिया था। लेकिन बाद में पलटी मारकर वे भाजपा में लौट आए थे।
त्रिपाठी की परेशानी
दरअसल चर्चा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने के बाद सिंधिया समर्थक श्रीकांत चतुर्वेदी भी बीजेपी में आ गए हैं। इससे नारायण त्रिपाठी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सतना के भाजपा सांसद गणेशसिंह से उनकी पटरी नहीं बैठती। प्रदेश के राज्यमंत्री रामखिलावन पटेल ने भी त्रिपाठी की शिकायत पार्टी से की है। ऐसे में चर्चा है कि नारायण त्रिपाठी विंध्य प्रदेश की मांग की आड़ में कोई बड़ा राजनैतिक खेल खेलने में लगे हैं।