नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का नयी दिल्ली स्थित सरकारी बंगला खाली कराने से जुड़े सरकार के आदेश को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि इस तरह के तुच्छ राजनीतिक कदमों से भाजपा सरकार कांग्रेस और इंदिरा गांधी की पोती को चुप नहीं करा सकती। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में आरोप लगाया, 'नेहरू-गांधी परिवार से भाजपा की नफरत और प्रतिशोध की राजनीति के कारण प्रियंका गांधी को आधिकारिक आवास को खाली करने का सरकार द्वारा नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा, 'पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद नेहरू-गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा दी गई थी। सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना के चलते यह एसपीजी सुरक्षा वापस ली गई।' वेणुगोपाल ने आरोप लगाया, 'प्रियंका गांधी को आवास खाली करने का नोटिस भेजना उनके जीवन को जोखिम में डालने के प्रयास का हिस्सा है। गांधी-नेहरू परिवार को खतरे के बारे में केंद्रीय एजेंसियों की ओर से लगातार रिपोर्ट दिए जाने के बावजूद उनकी एसपीजी सुरक्षा हटाई गई।' 
उन्होंने दावा किया, 'प्रियंका गांधी केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी...भाजपा इंदिरा गांधी की पोती प्रियंका गांधी और कांग्रेस पार्टी को सस्ते एवं तुच्छ राजनीतिक कदमों से चुप नहीं करा सकती।  गौरतलब है कि सरकार ने से कहा कि वह नयी दिल्ली स्थित बंगला एक महीने के भीतर खाली कर दें क्योंकि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद वह आवासीय सुविधा पाने की हकदार नहीं हैं। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वह एक अगस्त तक मौजूदा आवास 35 लोधी एस्टेट खाली कर दें और अगर ऐसा नहीं करती हैं तो उन्हें नियमों के मुताबिक किराये अथवा क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा।