जिताऊ युवाओं मैदान में उतारने की तैयारी


भोपाल । विधायकों को महापौर का टिकट दिया जाएगा या नहीं, इसको लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं हो पाया है। इसी तरह उम्मीदवारों की उम्र का क्राइटेरिया तय करने के लिए भी अभी और मंथन किया जाएगा। बीजेपी की चुनाव संचालन समिति की बैठक में चुनाव की उप समितियों की जिम्मेदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई है। शहरों में सरकार बनाने के लिए पार्षद पद के उम्मीदवारों का नाम फाइनल करने से पहले समिति एक बार और फीडबैक लेगी। ताकि जिताऊ युवाओं को मैदान में उतारा जा सके। बता दें कि पूरे प्रदेश में पार्षद पद के करीब 800 उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को हुई चुनाव संचालन समिति की बैठक में संकल्प पत्र पर फोकस रहा। यहां तक किया गया कि प्रदेश और स्थानीय स्तर पर दो संकल्प पत्र तैयार किए जाएंगे। जिसमें मोदी सरकार की योजनाओं और प्रदेश में निकाय स्तर पर किए गए विकास कार्यों को शामिल किया जाएगा। शहरों में सरकार बनाने के लिए मतदाताओं के लिए आगामी पांच साल में क्या प्लान होगा? इसके लिए बनाई गई समिति को 25 फरवरी तक तैयारी पूरी करने को कहा गया है। बैठक में समिति के अध्यक्ष उमा शंकर गुप्ता के अलावा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान तय किया गया कि प्रदेश अध्यक्ष 22 फरवरी से चुनावी दौरा प्रारंभ करेंगे। इसका रोडमैप एक-दो दिन में तैयार हो जाएगा। इसके साथ ही जिताऊ उम्मीदवारों का नाम फाइनल करने से पहले एक बार फिर समिति स्थानीय स्तर पर फीडबैक लेगी। यह काम अगले सप्ताह तक पूरा करने को कहा गया है।

विकास की फिल्में दिखाई जाएंगी
बैठक में निर्णय लिया गया कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश और स्थानीय स्तर पर किए गए विकास कार्यों की शॉर्ट फिल्में दिखाई जाएंगी। इन फिल्मों में मोदी सरकार के काम के साथ-साथ शिवराज सरकार द्वारा नगरीय विकास की योजनाओं की जानकारी होगी। इसके लिए सभी शहरों से सुझाव भी बुलाए जाएंगे।

सामूहिक निर्णय होगा
प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि विधायक या पूर्व विधायक को महापौर का टिकट मिलेगा या नहीं, इसको लेकर संगठन में सामूहिकता के आधार पर निर्णय होगा। उन्होंने यह भी साफ किया है कि उम्मीदवार के लिए उम्र का कोई कानूनी बंधन नहीं है। पार्टी स्तर पर समय के हिसाब से फैसले लेती है। हालांकि समिति की पिछली बैठक में यह बात रखी गई थी कि कुछ जगहों पर पुराने पार्षदों को भी दोहराना पड़ सकता है।


सामाजिक समीकरण के आधार पर फीडबैक
बैठक में यह भी तय किया गया है कि जिला संगठन से वे सामाजिक समीकरण के साथ संभावित दावेदारों का फीडबैक लिया जाएगा। इसके लिए समाजों व प्रमुख लोगों से बात करने को कहा गया है। जैसे ही टिकट की कवायद शुरू होगी, इस फीडबैक को अहम माना जाएगा।