इंदौर में बड़ी लूट:खड़े ट्रक से मोटर लूटकर भागे बदमाशों को पकड़ने में लगी तीन थानों की पुलिस, लुटेरों ने बचने के लिए जीप के सामने मोटर फेंकी, रॉन्ग साइड ट्रक दौड़ाया
 

पुलिस ने बचने का चारों ने बहुत प्रयास किया, आखिर में खलघाट के जंगल में ट्रक छोड़कर भाग गए।
तेजाजी नगर, राउ और महू पुलिस ने लुटेरों का पीछा किया, ट्रक में कुछ नंबर प्लेट भी मिलीं

खड़े ट्रक के त्रिपाल को काटकर पानी की मोटर लूटने वाले बदमाशों को पकड़ने के लिए अलसुबह तेजाजी नगर थाने सहित तीन थानों की पुलिस गाड़ी से दौड़ लगाती रही। लुटेरों ने पुलिस से बचने के लिए टोल प्लाजा को तो तोड़ा ही ट्रक में रखी मोटरों को भी जीप के आगे फेंकते रहे। वे कभी राॅन्ग साइड घुसते तो कभी ट्रक को मोड़कर भागने की कोशिश करते। करीब दो घंटे तक भागमभाग करते के बाद बदमाश ट्रक को खलघाट के जंगल में छोड़कर भाग निकले। ट्रक गुजरात पॉसिंग है, जिसमें से कुछ नबंर प्लेट भी मिली हैं। पुलिस लुटेरों का पता लगा रही है।

ट्रक से कुछ नंबर प्लेट भी मिली हैं।

मिली जानकारी अनुसार लूट की घटना तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में अलसुबह हुई है। देवास से ट्रक चालक विवान्द्र ट्रांसपोर्ट से इलेक्ट्रिक मोटर भरकर मद्रास के लिए निकला था। हाईवे में ढाबे पर खाना खाने के बाद ड्राइवर रामनाथ अपने साथी जीवन के साथ ट्रक में ही सो गया। रात करीब 3 बजे ट्रक में कुछ हलचल हुई। ड्राइवर ने जीवन को ट्रक पर चढ़ाया, जबकि खुद पीछे जाकर देखने लगा। ट्रक के पास खड़े एक अन्य ट्रक में कुछ बदमाश त्रिपाल काटकर मोटर चोरी कर रहे थे। रामनाथ को देख वे भागे तो वह चिल्लाते हुए उनके पीछे दौड़ा। इसी दौरान गश्ती पर तैनात तेजाजी नगर पुलिस के जवान पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया।

ड्राइवर रामनाथ की आंख ट्रक में हलचल होने पर खुली।

तेजाजी नगर थाने के एसआई गजानंद ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे हम गश्त कर रहे थे। इस दौरान एक ड्राइवर दौड़ते हुए आया और कहा कि मेरी ट्रक में रखी मोटर चोरी कर कुछ लोग भाग रहे हैं। इस पर हमने ड्राइवर को बिठाकर पीछा किया तो ट्रक चालक ने स्पीड बढ़ा दी। इस पर हमने कंट्रोल रूम पर सूचना दी। सूचना मिलते ही राउ पुलिस भी उसके पीछे लग गई। इस पर वह महू टोल नाका तोड़ते हुए वह महू शहर में भीतर घुस गया। यहां से वह मानपुर होते हुए खरगोन रोड की ओर भागा। इस पर मानपुर और डाेंगरगांव की पुलिस भी ट्रक के पीछे लग गई। ट्रक मानपुर से खलघाट की ओर निकल गया। कुछ देर बाद फिर से वह खलघाट की ओर से लौटते हुए नजर आया। हमने नाकेबंदी की तो उसने फिर से ट्रक को खलघाट की ओर मोड़ दिया। इसके बाद वे खलघाट के जंगल में अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रक छोड़कर भाग गए। इस दाैरान आरोपी ट्रक में भरी मोटर हमारी ओर फेंक रहे थे। उन मोटरों को उठाते हुए हम उनका पीछा करते रहे। ट्रक गुजरात पाॅसिंग हैं। संभवत: ट्रक चोरी का हो सकता है। उनके भीतर कुछ नंबर प्लेट भी मिली हैं। ट्रक में 15 से ज्यादा लोग सवार हैं।

ट्रक से मोटर चोरी कर भागे लुटेरे।

ड्राइवर रामनाथ ने बताया कि पानी की मोटर ट्रक में भरकर हम मद्रास के लिए निकले थे। पीथमपुर रोड पर गाड़ी खड़ी कर हम रात 12 बजे खाना खाकर सो गए थे। दो तीन घंटे सोने के बाद अचानक लगा कि गाड़ी हिल रही है। इस पर मैंने साथ में रहने वाले जीवन को कहा कि गाड़ी हिल रही है, ऊपर कोई है क्या। इस पर जीवन ऊपर चढ़ा और मैं गाड़ी के पीछे की ओर गया। मेरी गाड़ी से सटकर एक ट्रक लगा हुआ था। मुझे आता देख उन्होंने गाड़ी आगे बढ़ा ली। इस पर मुझे शक हुआ तो मैंने उसके पीछे दौड़ लगा दी। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी आते दिखी। मैंने रोककर उन्हें मोटर चोरी की बात बताई तो उन्होंने मुझे बिठाकर उसका पीछा किया। पुलिस ने बचने के लिए वह कभी राॅन्ग साइड जाता तो कभी रिटर्न लेता। इस दौरान वे मोटर फेंकते हुए आगे बढ़ रहे थे। फरियादी ने बताया कि हम देवास से पानी की मोटर भरकर मद्रास जा रहे थे।