भोपाल में खुदकुशी के लिए छलांग लगाने वाली छात्रा के 95% से ज्यादा अंक रहते हैं; मां बोली- पढ़ाई नहीं बेटी ज्यादा महत्वपूर्ण

छात्रा को गोताखोरों की मदद से बचाने के बाद पुलिस ने उसे परिवार वालों को सौंप दिया।
स्कूल जाने का कहकर निकली थी घर से और पहुंच गई VIP रोड

भोपाल के VIP रोड से बड़े तालाब में सुसाइड करने के इरादे से कूदने वाली 12वीं की छात्रा के 95% से ज्यादा अंक रहते हैं। उसके बाद भी वह मानसिक तनाव में थी कि वह अच्छे से नहीं पढ़ पा रही। छात्रा का कहना है कि उस पर माता-पिता की तरफ से पढ़ाई का प्रेशर नहीं है, लेकिन वह खुद ही डिप्रेशन में आ गई है।

इधर, छात्रा के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी पढ़ाई में बहुत अच्छी है, लेकिन पता नहीं उसने ऐसा कदम क्यों उठाया? वे तो उसे कभी पढ़ाई करने के लिए भी नहीं कहते, क्योंकि वह खुद से ही पढ़ती रहती है। छात्रा की मां ने कहा कि हमारे लिए बेटी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। पढ़ाई की तो हम ज्यादा बात भी नहीं करते।

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बदहवास होकर थाने पहुंचे माता-पिता

इंद्रपुरी में रहने वाली 12वीं की छात्रा भेल स्थित एक बड़े प्राइवेट गर्ल्स स्कूल में पढ़ती है। बचाने के बाद उसे तलैया थाने लाया गया। TI डीपी सिंह ने बताया कि उन्होंने महिला पुलिस अधिकारियों से छात्रा की काउंसलिंग कराई। इस दौरान उसके माता-पिता से संपर्क किया।

उन्हें छात्रा के बारे में बताया और उनसे कहा कि वह सकुशल है। वे आ जाएं। बेटी के इस तरह कदम उठाने की सूचना मिलते ही माता-पिता बदहवास होकर थाने पहुंचे। छात्रा के पिता मंडीदीप में प्राइवेट जॉब करते हैं, जबकि उसकी मां एक सरकारी कॉलेज में शिक्षिका हैं। उसकी एक छोटी बहन भी है।

एक सुसाइड नोट भी छात्रा ने लिखा था

TI सिंह ने बताया कि छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने लिखा है- मैं उनके सपनों को पूरा नहीं कर पा रही है और उम्मीद के मुताबिक पढ़ाई में सफल नहीं हूं। मैं पढ़ने में अच्छी हूं, लेकिन पता नहीं पिछला टेस्ट अच्छा क्यों नहीं गया। मैं अच्छे से नहीं लिख पाई। मम्मी-पापा मुझे माफ करना। मैं आपके सपने पूरे नहीं कर पाई। इसलिए सुसाइड करने जा रही हूं। हालांकि पुलिस ने छात्रा को उसका सुसाइड नोट भी वापस कर दिया।

स्कूल जाने का कहकर निकली थी

छात्रा के पिता ने बताया कि इंद्रपुरी में रहते हैं। सुबह उनकी पत्नी कॉलेज के लिए चली गई, जबकि उन्होंने जॉब पर जाने के पहले बेटी से कहा था कि स्कूल से जब आना हो तो फोन कर देना। मैं लेने आ जाऊंगा। उनके जाने के बाद वह स्कूल जाने का कहकर घर से निकल गई थी, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वह VIP रोड पर कैसे पहुंच गई।

माता-पिता बोले पूरा ध्यान रखेंगे

पुलिस की सूचना पर माता-पिता थाने पहुंचे। पुलिस के समझाइश देने के कारण उन्होंने बेटी से ज्यादा कुछ नहीं पूछा। बेटी भी उन्हें देखकर रोने लगी थी। इसके बाद वे बेटी को अपने साथ घर ले गए। उन्होंने पुलिस को आश्वासन दिया कि वे बेटी का पूरा ख्याल रखेंगे और उसके मन में अगर किसी तरह की कोई शंका-आशंका उठ रही है तो मैं उससे बात कर उसे दूर करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए पढ़ाई नहीं बेटी महत्वपूर्ण है।

अब नहीं होती कोई कार्रवाई

पहले सुसाइड करने या कोशिश करने के मामले में पुलिस आत्महत्या की कोशिश करने का मामला दर्ज करती थी। ऐसे में कोर्ट ने आदेश दिया कि सुसाइड करने वाला मानसिक तनाव में रहता है। उसके खिलाफ FIR दर्ज करने से वह और भी मानसिक तनाव में चला जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस को कोई प्रकरण दर्ज नहीं करना चाहिए, बल्कि पीड़ित से सहानुभूति रखना चाहिए। ऐसे मामलों में अब पुलिस किसी तरह की लिखा-पढ़ी तक नहीं करती है। हालांकि विषम परिस्थितियों में सुसाइड करने या कोशिश करने वालों पर TI को उसके स्वविवेक से FIR करने की अनुमति दी गई है।