मृतक के परिजनों को ५-५ लाख के मुआवजे की घोषणा, हादसे की जांच के आदेश 
राहत व बचाव कार्य अबतक जारी, बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज    


भिवंडी। मुंबई से सटे भिवंडी में सोमवार सुबह ३७ साल पुरानी तीन मंजिला इमारत ढ़हने से अबतक २० लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. जिसमें एक ही परिवार के ४ लोगों की जान गई है. उधर मनपा आयुक्त ने दो अधिकारियों को निलंबित करने तथा हादसे की जांच का आदेश दिया है. वहीं इमारत के बिल्डर सय्यद अहमद जिआनी के खिलाफ नारपोली पुलिस थाना में आईपीसी की धारा ३३७, ३३८, ३०४ (२) के तहत मनपा द्वारा मामला दर्ज करवाया गया है. आपको बता दें कि भिवंडी के धामनकर नाका क्षेत्र स्थित पटेल नगर परिसर में सोमवार तड़के करीब सवा 3 बजे ३७ वर्ष पूर्व जिलानी बिल्डर द्वारा निर्मित तल सहित 3 मंजिला रहिवासी इमारत अचानक भरभराकर जमींदोज हो गयी. जमींदोज हुई इमारत हादसे में अबतक २०  लोगों कि मौत हो गयी है. जबकि बचाव राहत कार्य में अभी भी जुटी एनडीआरएफ, टीडीआरएफ, मनपा आपत्ति व्यवस्थापन की टीमों ने मलबे से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. घटना की जानकारी मिलते ही ठाणे जिला के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे, गृह निर्माण मंत्री जितेन्द्र आव्हाड, महापौर प्रतिभा पाटिल, विधान परिषद में विरोधी पक्ष नेता प्रवीण दरेकर, भाजपा विधायक महेश चौगुले, सपा विधायक रईस शेख, पुलिस उपायुक्त राजकुमार शिंदे, जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर आदि ने दौरा कर राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया तथा उचित दिशा निर्देश मनपा प्रशासन को दिया है. पालक मंत्री एकनाथ शिंदे ने मृतक के परिजनों को ५-५ लाख रूपये के मुआवजे की घोषणा की.  

22 फ़्लैट में रहते थे करीब 80 लोग 
मनपा प्रभाग क्रमांक समिति 3 अंतर्गत धामनकर नाका क्षेत्र स्थित पटेल नगर में बिल्डर सय्यद जिलानी द्वारा तल सहित 3 मंजिला इमारत का निर्माण किया गया था. 2 हिस्सों में निर्मित 3 मंजिला इमारत में 51 फ़्लैटधारकों का परिवार रहता था. इमारत के पिछले हिस्से के 24 फ़्लैट में 2 फ़्लैट बंद हैं शेष 22 फ़्लैट में करीब 80 लोग रहते थे. घटना के अनुसार, सोमवार रात्रि करीब सवा 3 बजे इमारत का कुछ हिस्सा अचानक हिलना शुरू हुआ और देखते ही देखते इमारत जमींदोज हो गया. जो भाग्यशाली थे वो जान बचाकर भागने में सफल रहे. प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो करीब  आधा घंटा के दौरान ही 3 मंजिला इमारत के पीछे का आधा हिस्सा यानी 24 फ़्लैट भरभराकर नीचे गिर पड़ा और नीचे उतरने की फिराक में जुटे करीब 50 लोग मलबे में दब गये. इमारत जमींदोज होते ही समूचे परिसर में कोहराम मच गया. हजारों की संख्या में लोग जिलानी इमारत के पास जमा हो गए. लोगों ने घटना की जानकारी  मनपा आपत्ति व्यवस्थापन व टोरेंट पावर सहित फायर बिग्रेड को दी और बचाव राहत कार्य में जुट गये. सूचना मिलते ही मनपा आयुक्त पंकज आसिया मनपा आपत्ति व्यवस्थापन टीम के साथ फ़ौरन घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव राहत कार्य शुरू कराते हुए एनडीआरएफ, टीडीआरएफ को सूचित किया. जिसके बाद एनडीआरएफ, टीडीआरएफ की टीमें भिवंडी पहुंची और बचाव राहत कार्य को युद्धस्तर पर शुरू कर 20 लोगों को मलबे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन मलबे में दबकर 13 लोगों की जान चली गयी. 


स्थानीय निवासियों ने बचाई दर्जनों लोगों की जान
जिलानी इमारत हादसा में बचाव कार्य अंजाम देने में देवदूत की भूमिका निभाने वाले तथा इमारत के पास रहने वाले नदीम फारुकी,अफताब भाई, मिराज मोमिन आदि   युवकों ने बताया कि करीब सवा 3 बजे रात को जब इमारत का पिछला 24 फ़्लैट का हिस्सा गिरा तो जोरदार आवाज आने से एकाएक नींद खुल गयी तो देखा कि बाहर समूचे परिसर में आंधी जैसी आई है. हम सब लोग घरों से नीचे उतरे तो मालुम हुआ कि जिलानी इमारत जमींदोज हो गयी है और लोग बचाव के लिए चिल्ला रहे हैं. इमारत के आसपास के लोगों ने जमा होकर मलबे में फंसे लोगों को साहस दिया और समुचित उपाय योजना में जुट गये. करीब 1 घंटे के बाद मौके पर पहुंचे बचाव राहत दल द्वारा बचाव कार्य शुरू किया गया और सुबह होते ही लोगों को मलबे से निकाले जाने का सिलसिला शुरू हो गया लेकिन इमारत में दबकर 13 लोगों की जान चली गयी जो बेहद दुखद है. इमारत के रहिवासियों के सामान मलबे में नष्ट हो गये कुछ सामान मलबे से बाहर झलकते हुए दिखाई पड़ रहे थे.सुबह से शाम तक समूचे क्षेत्र में दहशत व मातम पसरा दिखाई पड़ा और इमारत हादसे में सकुशल बचे लोग अपने परिवार की खोज खबर हेतु मलबा के पास चिंताग्रस्त होकर रोते चिल्लाते इधर -उधर भागते- दौड़ते दिखाई पड़े. 

इमारत हादसे में मृतकों के नाम 
अबतक जिन मृतकों की शिनाख्त हुई है उनके नाम जुबेर कुरेशी (30), फायजा कुरेशी (5), आयशा कुरेशी (7), बब्बू (27), फातम जुबेर बब्बू (2), फातमा जुबेर कुरेशी (8), उजेब जुबेर (6), असका आबिद अंसारी (14), अंसारी दानिश अलीद (12), सिराज अहमद शेख (28), नाजो अंसारी (26), समीउल्ला शेख (75) और असलम अंसारी (30) बताया गया है. 

घायलों के नाम- 
मोमीन शमिउहा शेख (४५), कौंसर सीराज शेख (महिला, २७ वर्ष), रुकसार जुबेर शेख (महिला २५ वर्ष), अबुसाद सरोजुद्दीन अन्सारी (१८), आवेश सरोजुद्दीन अन्सारी (२२), जुलैखा म. अली. शेख (महिला, ५२ वर्ष) तथा उमेद जुबेर कुरेशी (४ वर्ष का बच्चा). सभी घायलों को इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

धोकादायक इमारत को 2 बार दी गयी थी नोटिस
भिवंडी मनपा आयुक्त पंकज आसिया ने इमारत हादसे पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए बताया कि जमींदोज हुई जिलानी इमारत को मनपा द्वारा धोकादायक घोषित किया गया था और रहिवासियों को 2 बार इमारत खाली किये जाने की नोटिस दिए जाने के बावजूद लोगों नें इमारत को खाली नहीं किया था. 

दो अधिकारी निलंबित, हादसे की जांच के आदेश
इमारत हादसे पर कड़ी कार्यवाही करते हुए मनपा आयुक्त  पंकज आसिया ने प्रभाग समिति क्रमांक 3 के पूर्व सहायक आयुक्त सुदाम जुधाव व क्षेत्रीय अधिकारी दूधनाथ यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. आयुक्त ने इमारत हादसे की जांच हेतु मनपा अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है जिसमें शहर अभियंता एल.पी गायकवाड सहित सहायक नगर रचनाकार श्रीकांत देव को शामिल किया गया है. मनपा आयुक्त आसिया नें जल्द से जल्द मामले की तहकीकात किये जानें का आदेश दिया है. बहरहाल मनपा आयुक्त के कड़े फैसले से मनपा के लापरवाह अधिकारियों के होश उड़ गये हैं.