केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने पंजाब के सभी स्कूलों को एक सीरियल अपहरणकर्ता के बारे में अलर्ट जारी किया है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग को एक पत्र लिखकर सीबीआई ने एक अंग्रेजी अध्यापक के बारे में सचेत किया है जो विभिन्न राज्यों में छात्राओं के अपहरण मामलों में भगोड़ा चल रहा है।
सीबीआई द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार धवल हरिशचंद्र त्रिवेदी नाम का यह आरोपी जुलाई 2012 से अगस्त 2014 के दौरान मानसा और कपूरथला के कुछ निजी स्कूलों में काम कर चुका है। ऐसे में उसके अब भी पंजाब के किसी स्कूल में कार्यरत होने की संभावना है। सीबीआई के भगोड़े अध्यापक की फोटो और प्रोफाइल भी भेजा है।

त्रिवेदी को पंजाब से ही 14 जुलाई 2014 को गुजरात की दो नाबालिग लड़कियों के अपहरण और दुराचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में गुजरात के राजकोट की एक अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पिछले साल 28 जुलाई को पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद यह आरोपी एक और नाबालिग लड़की को भगा ले गया।
पिछले आठ साल में उसने ऐसा आठवां अपराध किया है। त्रिवेदी के खिलाफ सीबीआई जांच इस साल मई में तब शुरू हुई जब एक व्यक्ति ने गुजरात हाईकोर्ट में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दी। उसने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी को त्रिवेदी ने 11 अगस्त 2018 को अगवा कर लिया था।

सीबीआई जांच में पाया गया कि धवल त्रिवेदी पहले भी नाबालिग लड़कियों के अपहरण के सात मामलों में शामिल रहा है और इनमें से एक मामले में उसे सजा भी हो चुकी है। सीबीआई के पत्र में खुलासा किया गया है कि आरोपी फर्जी नाम व पते के साथ विभिन्न राज्यों के स्कूलों में अंग्रेजी के अध्यापक, प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल या प्रबंधक के तौर पर कार्य करता है और स्कूलों की नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाता है।
सीबीआई जांच के अनुसार अब तक वह टीडीके चंद्र, टीकेडी चंद्र, डी कुमार और धरमिंदर कुमार के फर्जी नामों का इस्तेमाल कर चुका है। उसने हरियाणा के कालका, पंचकूला में एक फर्जी वोटर पहचान पत्र और राशन कार्ड भी बनवाया था जिसके आधार पर उसने मानसा के बुढलाडा के एक निजी स्कूल में नौकरी की थी।

वह आम तौर पर एक अंग्रेजी अध्यापक के रूप में काम करता है या ट्यूशन कक्षाएं शुरू करता है या दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में नौकरी करता है। आरोपी, धवल त्रिवेदी के पास अपहृत लड़की के पिता का आधार कार्ड भी है इसलिए संभावना है कि वह इस आधार कार्ड का उपयोग अपनी पहचान के रूप में कर रहा हो। सीबीआई ने स्कूल शिक्षा विभाग को आरोपी और अपहृत लड़की की तस्वीरें प्रसारित करके आरोपी की पहचान करने और उसका पता लगाने में सहयोग का आह्वान किया है।