भोपाल : प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया परिवारों की महिला मुखिया के खातों में जनजाति कार्य विभाग द्वारा प्रतिमाह आहार अनुदान राशि ट्रांसफर की जा रही है। योजना का मकसद इन वर्ग के परिवारों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में वृद्धि करना है। विभाग द्वारा योजना में प्रतिमाह करीब 2 लाख 20 हजार महिला हितग्राहियों के खाते में प्रतिमाह करीब 22 करोड़ रूपये की राशि हस्तांतरित की जा रही है।

प्रदेश में आहार अनुदान योजना में हितग्राहियों को एमपी टॉस्क के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया जुलाई 2020 से प्रारंभ की गई है। इस साफ्टवेयर के जरिये इन क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत स्तर से नवीन हितग्राहियों को जोड़ने एवं अपात्र हितग्राहियों को सुविधा भी ऑनलाइन प्रारंभ की गई है। योजना में मिलने वाली राशि से विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग की महिलाएँ अपने प्रतिदिन के भोजन पर होने वाले व्यय जिसमें सब्जी, तेल, नमक, हल्दी एवं अन्य खाद्य सामग्री का पौष्टिक भोजन बनाने पर खर्च कर रही हैं।

प्रदेश के 3 संभाग ग्वालियर, जबलपुर एवं शहडोल में बहुलता के साथ विशेष पिछड़ी जनजाति निवास कर रही हैं। योजना में परिवार के मुखिया को प्रतिमाह एक हजार रूपये की राशि हस्तांतरित की जा रही है।

मण्डला जिले में हस्तशिल्प विकास योजना

मण्डला जिले के विकासखण्ड मवई, बिछिया, मोहगाँव और बीजाडांडी की 84 बैगा महिलाओं के आजीविका संवर्धन के लिये हैण्डलूम विभाग के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा 50 लाख रूपये की हस्तशिल्प विकास योजना की स्वीकृति जारी की गई है। योजना में प्रति महिला को हस्तशिल्प के लिये 56 हजार रूपये के मान से राशि मंजूर की गई है।