नई दिल्ली, अमेरिका में कई दिनों से चल रही चुनावी हलचल अब थोड़ी कम होने लगी है, इस सबके बीच पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की नई किताब रिलीज़ हुई है. राष्ट्रपति पद से हटने के बाद बराक ओबामा ने अपनी आत्मकथा ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ लिखी है, जिसमें अपने अनुभवों को साझा किया है. इस किताब की भारत में भी चर्चा है, क्योंकि किताब के अंदर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत अन्य कुछ लोगों का जिक्र है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर बराक ओबामा ने जो टिप्पणी की है, वो चर्चा का विषय बनी हुई है. अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में इस किताब का रिव्यू छपा है, जिसमें किताब के अंश लिखे गए हैं. इसी के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर बराक ओबामा ने किताब में लिखा है, ‘उनमें एक ऐसे नर्वस और अपरिपक्व छात्र के गुण हैं, जिसने अपना होमवर्क किया है और टीचर को इम्प्रेस करने की कोशिश में है. लेकिन गहराई से देखें तो योग्यता की कमी है और किसी विषय पर महारत हासिल करने के जुनून की कमी है’.इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर भी टिप्पणी की गई है. किताब में लिखा है, ‘व्लादिमीर पुतिन उन्हें एक सख्त और स्मार्ट बॉस की याद दिलाते हैं. वहीं भारत के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह में एक भावशून्य ईमानदारी है, जो उन्हें अलग बनाती है. किताब में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जिक्र के बाद भारत में भी इसपर चर्चा शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने इस टिप्पणी पर तंज कसा है, तो वहीं राहुल पर एक बार फिर निशाना साधा है. बीजेपी की ओर से संबित पात्रा, गौरव भाटिया और अन्य कुछ प्रवक्ताओं ने इसको लेकर ट्वीट भी किया है. 

किताब में और किसका जिक्र?
आपको बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति और वर्तमान में राष्ट्रपति का चुनाव जीतने वाले जो बाइडेन को एक सभ्य व्यक्ति बताया है. जो "कांटेदार हो सकता है अगर उसे लगता है कि उसे उसका हक नहीं दिया गया - एक गुणवत्ता जो एक कम उम्र बॉस के साथ काम करते समय भड़क सकती है."
अपनी किताब में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का उल्लेख करते हुए ओबामा लिखते हैं कि नेता उन्हें स्ट्रीट-स्मार्ट बॉसेज़ की याद दिलाते हैं जो एक समय में शिकागो चलाते थे.
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक पुस्तक समीक्षा के अनुसार, बराक ओबामा की नई किताब 'ए प्रॉमिस लैंड' उनके निजी जीवन की तुलना में उनके राजनीतिक रुख पर अधिक केंद्रित है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने राजनीति में अपने शुरुआती दिनों से लेकर पाकिस्तान के एबटाबाद में  ओसामा बिन लादेन के खात्मे तक के बारे में लिखा है.