भोपाल.राजधानी भोपाल में लॉक डाउन (lock down) की वजह से अब ईद पर कुर्बानी के लिए बकरों की भी ऑनलाइन शापिंग (online shopping) हो रही है. बकरा डीलर्स ने यह नया तरीका निकाल लिया है. व्हाट्सएप के जरिए बकरे की जमकर खरीद-फरोख्त की जा रही है.

लॉक डाउन की वजह से शहर के बकरा मार्केट भी पूरी तरह से बंद हैं. ऐसे में ईद पर कुर्बानी के लिए बकरे कैसे खरीदे जाएं. तो इसका भी रास्ता निकल आया. अब बकरों की भी ऑनलाइन व्हाट्स के ज़रिए खरीद-फरोख्त हो रही है. बकरा व्यापारियों ने ऐसे कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं, जिसमें वो बकरों की जानकारी, उनकी कीमत और उनके फोटो के साथ शेयर कर रहे हैं. इतना ही नहीं वीडियो कॉलिंग के जरिए बकरे दिखाए जा रहे हैं.यदि किसी को बकरा खरीदना है तो वह व्यक्ति ऑनलाइन डील कर सकता है. रेट भी व्हाट्सएप पर तय हो जाते हैं. डील पक्की हो जाती है तो बकरा संबंधित व्यक्ति के घर भेजा जाता है. इस खरीद-फरोख्त में पेमेंट भी ऑनलाइन ली जा रही है.

व्हाट्सएप ग्रुप पर खरीद-फरोख्त

कोरोना फैलने के कारण भोपाल में दस दिन का लॉक डाउन है. इस दौरान सभी तरह के बाजार बंद हैं. एक जुलाई को बकरीद है. मुस्लिम भाइयों को बकरे की कुर्बानी देनी होती है. लेकिन बाज़ार बंद होने की वजह से अधिकांश लोग बकरा नहीं खरीद पा रहे थे. अब ऑनलाइन बिक्री होने से बकरों की खरीद-फरोख्त शुरू हो गयी है.

महंगे मिल रहे बकरे

ऑनलाइन बकरा खरीदने वाले मोहम्मद आमिर ने बताया कि बाजार में बकरों का सही तरीके से मोलभाव हो जाता था. लेकिन लॉकडाउन के वजह से यह संभव नहीं है. अब मजबूरी में ऑनलाइन व्हाट्सएप के जरिए बकरा खरीदना पड़ रहा है. कारोबारी इस मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं. बकरे महंगे मिल रहे हैं. उन्होंने बताया ऑनलाइन उन्होंने जो 18000 रुपए का बकरा खरीदा है, वह मार्केट में मोलभाव करके 13000 रुपए में आसानी से मिल जाता. लेकिन कुर्बानी करनी है, इसलिए मजबूरी में महंगा बकरी ही खरीदा जा रहा है.

38000 रुपए का बकरा

एक और खरीददार फहीमुद्दीन ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन 38000 रुपए का बकरा खरीदा है. यह बकरा उन्हें महंगा मिला है. उन्होंने व्हाट्सएप पर बकरे की फोटो देखी और वीडियो के साथ उसकी जानकारी के बाद डीलिंग की. कारोबारी ने एक दाम भी कम नहीं किया. अब बकरा इतना पसंद आ गया था कि उन्होंने उस बकरे को 38000 रुपए में ही खरीद लिया.

लोकल बकरे

ऑनलाइन बकरों की बिक्री करने वाले फाजिल ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से भोपाल बंद है. इसलिए इस बार भोपाल के आसपास के इलाकों से बकरे नहीं आए हैं. यही कारण है कि इस बार मोल ज़्यादा है.उन्होंने कहा बकरों को महंगा खरीदा था, इसलिए अब उसे महंगे दामों में बेच रहे हैं. जमीयत उलमा के सचिव हाजी मोहम्मद इमरान ने कहा कि शासन प्रशासन को बकरा कारोबारियों के लिए बाजार खोलना चाहिए. बाजारों में सोशल डिस्टेंस का पालन किया जाएगा.