रायपुर. धान के समर्थन मूल्य को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है. केंद्र सरकार ने धान के समर्थन मूल्य में 53 रुपय की बढ़ोतरी का एलान किया. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में इसे लेकर अब कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस (Congress) ने इसे किसानों के साथ ठगी बताते हुए केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की. इसी मसले पर कृषि मंत्री रवीन्द्र चैबे का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 लाख करोड़ का पैकेज आपने देखा, लगातार पैकेज महोत्सव मनाया जा रहा है. ग्लोबल सप्लाई चेन की बात करते थे. वहीं 53 रुपए इजाफा कर कहा जा रहा है कि स्वामीनाथन रिपोर्ट के हिसाब से दे रहे हैं. ये पूरे देश के धान उत्पादक किसानों के साथ वादाखिलाफी है. किसानों (Farmer) के साथ धोखा किया जा रहा है.

कृषि मंत्री का कहना है कि उपकरण के दाम किसी के नियंत्रण में नहीं है. उर्वरक के दाम बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण के दौर में केंद्र सरकार क्वारंटाइन से बाहर नहीं आ पा रही है, वरना किसानों को कुछ मिलता. ये केंद्र की सकारात्मक पहल नहीं है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2500 रुपए धान का मिल रहा है. सम्मान निधि इस साल पौने दो लाख किसानों तक ही पहुंच पाया है. एक रुपए की रियायत भी केंद्र ने नहीं दी है.

बीजेपी ने किया पलटवार

वहीं नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का मानना है कि कांग्रेस बेवजह इसे राजनीति के लिए मुद्दा बना रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जारी 14  फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से किसानों में खुुशी है. प्रधानमंत्री मोदी ने खरीफ और रबी की फसलों में 2005 की स्थिति से 2020 की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्यों में तीन से चार गुणा वृद्धि की है. उन्होंने कहा कि 2005 और  2020 की स्थिति में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 570 रुपए था जो आज 1868 रुपए है. इसी प्रकार मूंग 1520 से 7196 रुपए हो गया. अरहर का 1400 से 6000  रुपए हो गया. सोयाबीन 1010 से 3880  रुपए हो गया. इस प्रकार बाक फसलों की कीमतों में तीन से चार गुणा वृद्धि की गई है.

कांग्रेस पर झूठ बोलने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का कहना है कि कांग्रेस के नेताओं ने गंगाजल हाथ में लेकर जनता से झूठा वादा किया था कि धान लेते ही 2500 रुपए क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा. मगर कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के किसानों को 1815 रुपए के हिसाब से प्रति क्विंटल धान का भुगतान किया और यह राशि भी उसे केंद्र सरकार से मिली. उन्होंने कहा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के नाम से राशि चार किश्त में दी जा रही है. वास्तव में यह योजना राजीव गांधी किसान योजना के बजाय राजीव गांधी किसान उधार योजना है.

प्रदर्शन की तैयारी

वहीं जल्द कांग्रेस पूरे प्रदेश में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली है. कांग्रेस का कहना है कि वह केंद्र के ख़िलाफ इसे लेकर मोर्चा खोलेगी और बड़ा मुद्दा बनाएगी. पूरे प्रदेश में अलग -अलग तरीके से  विरोध प्रदर्शन करेगी. कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी का कहना है कि बड़े नेता बैठकर जल्द इस पर रणनीति बनाएंगे. हम घर-घर यह बात पहुंचाएंगे की केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के साथ जुमलेबाजी की है.