नई दिल्ली । भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद विनय कटियार पिछले काफी समय से अपने स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं। इसके कारण वह सक्रिय राजनीति से भी दूर होकर हाशिये पर आ गये हैं। फिलहाल विवादित ढांचा विध्वंस के मुकदमे से  बरी होने के बाद एक बार फिर से वह सक्रिय होकर मुख्य धारा में आने की तैयारी में जुट गये हैं। वह जल्द ही काशी-मथुरा के मुद्दे को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार की परेशानी बढ़ाते दिखाई दे सकते हैं।उन्होंने रामकोट स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में साफ शब्दों में कहा कि राम मंदिर का मसला हल हो चुका है। अब जल्द ही काशी-मथुरा को लेकर संत-महंतों की राय ली जाएगी। फिर संतों के निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही तय होगी। उन्होंने कहा कि मथुरा-वृंदावन संतों का गढ़ है। वहां के संतों की राय महत्वपूर्ण है, इसलिए सबसे पहले उनके साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद अयोध्या के संत समाज की भी राय ली जाएगी। पुन: आगे की रणनीति तय की जाएगी। पूर्व सांसद कटियार ने कहा कि अयोध्या-काशी-मथुरा तीनों ही हिन्दू समाज के मानबिंदु हैं। इन पर हमला करके आक्रांताओं ने हिन्दू समाज को पददलित करने की साजिश की थी। पूर्व सांसद कटियार ने हाथरस प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से की गयी कार्यवाही की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी पूरी ईमानदारी से प्रदेश को अपराध मुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने माना कि हाथरस की घटना में वहां के जिला प्रशासन से चूक हुई और इससे सरकार की छवि प्रभावित हुई। उन्होंने कांग्रेस  के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी व कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह राजस्थान क्यों नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नौटंकी का पर्दाफाश हो गया है। पूर्व सांसद कटियार ने कहा कि हाथरस कांड की पीड़िता के साथ रेप नहीं हुआ। इसकी पुष्टि सीएफएल की रिपोर्ट में हो चुकी है। उसकी मौत रीढ़ की हड्डी टूटने से हुई। इससे पहले पूर्व सांसद कटियार शुक्रवार की सायं अयोध्या पहुंचे। वहीं शनिवार को सुबह उन्होंने हनुमानगढ़ी जाकर आराध्य के चरणों में माथा टेका और आगे की पारी शुरु करने का आर्शीवाद भी लिया। इस मौके पर हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास ने उन्हें साफा बांधकर उनका स्वागत किया। उधर उनके आवास पर भाजपा नेता रामसंजीवन मिश्र, अरुण मिश्र, चंद्रप्रकाश मिश्र व संगठन के अन्य कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।