अयोध्या | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सीएम योगी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने श्रीराम जन्म भूमि परिसर में मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन हुआ। अयोध्या पहुंचने के बाद सबसे पहले पीएम मोदी ने हनुमानगढ़ी में दर्शन किया इसके बाद रामलला का दर्शन करने गए। यहां पहुंचते ही पीएम मोदी दण्डवत प्रणाम (पूरी तरह से लेट कर) किया। इसके बाद उन्होंने पूजा और यहां से भूमि पूजन कार्यक्रम में गए। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने पहली बार संसद में प्रवेश करते समय पूरी तरह से सिर छुका कर प्रणाम किया था।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे 29 साल बाद अयोध्या पहुंचे हैं। इससे पहले आखिरी बार नरेंद्र मोदी 29 साल पहले यानी 1991 में अयोध्या आए थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नरेद्र मोदी देश-दुनिया की यात्रा पर गए, मगर अयोध्या कभी नहीं आए। इसलिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह अयोध्या दौरा काफी अहम है।

वैदिक रीति से अनुष्ठान
पूजा वैदिक रीति से संपूर्ण अनुष्ठान किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतिम क्षण में स्पर्श कर भूमि पूजन और शिला पूजन की विधि पूर्ण किया।

देशभर से बुलाए गए विद्वान आचार्य 

भूमि पूजन के मुख्य आचार्य काशी के विद्वान पंडित जयप्रकाश उपाध्याय हैं। उनके सहयोगी काशी के अरुण दीक्षित, कांची मठ के सेनापति शास्त्री, सुब्रमण्यम और मणिजी के अलावा अयोध्या के पंडित इंद्रदेव मिश्र व दिल्ली के चंद्रभानु शर्मा है। पूजन में देशभर के कई स्थानों से बुलाए गए कुल 22 आचार्य शामिल है। यह सभी रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष महंत र्गोंवद देव गिरि के निर्देशन में अनुष्ठान हुआ।

ऐसे होगा पूजन
महागणपति-अम्बिका पूजन, वरुण पूजन, षोडश मात्रिका पूजन, सप्तघृत मात्रिका पूजन, आयुष मंत्र जप, नींव में प्रतिष्ठित की जाने वाली नौ प्रस्तर खंड शिलाओं का संस्कार और पूजन, ग्रह शांति, शिलाओं के देवता के निमित्त आहुति दी गई। मुहूर्त का काल मध्याह्न 12:44:08 बजे से शुरू होकर 12:44:40 के मध्य का है। अभिजीत मुहूर्त प्राय: प्रतिदिन पूर्वाह्न 11.45 बजे से 12.45 बजे के बीच होता है। इसकी अवधि 48 मिनट मानी गई है। इसी मुहूर्त में भगवान राम का जन्म ठीक दोपहर 12 बजे हुआ था।