बिलासपुर । होली के साथ हास परिहास और व्यंग का अटूट नाता है। कहते भी हैं कि बुरा ना मानो होली है। यानी होली पर आप खुलकर अपने मन की बात कह सकते हैं और सामने वाला बुरा भी नहीं मानता। सामने वाला तो बुरा तब भी नहीं मानता जब आप उन्हें मूर्ख और मूर्खों का राजा तक कह देते हैं। ऐसा हर वर्ष बिलासपुर में संभव होता है ।यहां जो मूर्खों का राजा कहलाता है वह खुद को सम्मानित महसूस करता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बिलासा कला मंच द्वारा 27 वे मूर्ख मूर्खाधीराज अभिषेक और हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन राघवेंद्र राव सभा भवन में किया गया। आयोजन में सबसे पहले मंच के कलाकारों ने फाग गीतों की प्रस्तुति दे कर वातावरण को होलीयाना बना दिया। इस वर्ष मंच द्वारा प्रदेश कांग्रेस महामंत्री अटल श्रीवास्तव को मूर्खाधीराज की उपाधि दी गई। यह उपाधि पाकर अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यह जान कर अच्छा लगता है कि चाटुकारिता के इस जमाने में भी कोई तो ऐसा है जो हमारे मूर्खतापूर्ण कार्यों का भी आकलन कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार बजरंग केडिया ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस तरह का अनूठा आयोजन केवल बिलासपुर में ही हो रहा है और यह सब कुछ मंच के संस्थापक डॉक्टर सोमनाथ यादव के कारण है। बिलासा कला मंच लगातार बिलासपुर को संस्कारधानी बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मूर्खाधिराज अभिषेक में सम्मानित हुए नगर निगम बिलासपुर के पार्षद विजय केशरवानी ने मन की बात कहते हुए कहा कि शुरू में तो इस उपाधि को ग्रहण करने में उन्हें डर लग रहा था लेकिन जिस अंदाज से कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व को प्रस्तुत किया गया उसके बाद उन्हें यह उपाधि लेने में गर्व हो रहा है। इस अवसर पर मंच के संस्थापक डॉक्टर सोमनाथ यादव ने बिलासा कला मंच के उद्देश्य और सफर की जानकारी देते हुए सभी कला प्रेमियों का आभार व्यक्त किया, जिनके कारण मंच के सभी कार्यक्रम सफल होते हैं।  इस अवसर पर बिलासा कला मंच ने अटल श्रीवास्तव को बिलासा शिल्पी सम्मान से सम्मानित किया। मूर्खाधिराज अभिषेक का वाचन भरत चंदानी ने किया।
कार्यक्रम के आरम्भ में सहदेव कैवर्त और उसकी टीम ने फाग गीत प्रस्तुत किया।मंच के मार्गदर्शक राजेन्द्र मौर्य के हास् परिहास और चुटीले संचालन में कवियों ने दर्शकों को खूब हंसाया।प्रतापगढ़ से आये कवि कपिल देव तिवारी ने बेहद सधे हुए अंदाज में श्रृंगार रस की कविताओं से लोगों को विभोर कर दिया।वहीं नांदघाट से आये कृष्णा भारती ने दर्शकों को इतना हंसाया कि लोगों के पेट में बल पड़ गए।जबलपुर से आई अर्चना अर्चन ने विश्व महिला दिवस पर अपनी सुमधुर गीतों की लड़ी पिरो दी।आलोक शर्मा भिलाई और रमेश विश्व्हार ने एक से बढ़कर एक गीतों को सुनाकर लोगों से खूब ताली बजवाये।कार्यक्रम का संचालन महेश श्रीवास और आभार प्रदर्शन सचिव रामेश्वर गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में मंच के सदस्य डॉ सुधाकर बिबे, चंद्रप्रकाश वाजपेयी, अजय शर्मा, सनत तिवारी, राघवेन्द्रधर दीवान, नरेंद्र कौशिक, अश्विनी पांडे, ओमशंकर लिबर्टी, आनंद प्रकाश गुप्त, महेन्द्र गुप्ता, विश्वनाथ राव, राघवेंद्र दुबे, राजेंद्र श्रीवास्तव, सुनील तिवारी, रामकुमार श्रीवास, सहदेव कैवर्त, प्रदीप कोशले, सतीश ठाकुर,जाविद अली, यशवंत साहू, बद्री कैवर्त, गोपाल यादव, महेंद्र ध्रुव, श्याम कार्तिक, शंकर यादव,  उमेद यादव आदि उपस्थित रहे।