भोपाल  । प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने भाजपा की सभा में वृद्ध किसान की मौत पर शिवराज और सिंधिया पर जमकर निशाना साधा। श्री वर्मा ने कहा कि शिवराज और सिंधिया की संवेदनाएं मर गई हैं, प्रदेश का अन्नदाता जिसे भाजपा के कार्यकर्ता सभा में ले गए वह बीच सभा में ही कुर्सी पर बैठे-बैठे मर जाता है और सत्ता के नशे में मगरूर ज्योतिरादित्य सिंधिया सिर्फ 1 मिनट का मौन रखकर दोबारा सभा को संबोधित करने लगते हैं? यह प्रदेश के अन्नदाता के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती है, ऐसी परिस्थिति में क्या सभा को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए था?
श्री वर्मा ने कहा कि खुद को किसान का बेटा बताने वाले शिवराज के लिए क्या सभा इतनी जरूरी है कि किसी किसान की मृत्यु होने पर भी सभा जारी रखें, वहीं किसानों को लेकर सड़क पर लड़ाई लड़ने की बात करने वाले सिंधिया भी किसान की मौत पर सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी मुद्दे के 2 घंटे का मौन रखने वाले शिवराज और सिंधिया एक अन्नदाता की मौत पर 1 मिनट भी मौन नहीं रख पाते है। शब्दों को तोड़ मरोड़ कर उसकी राजनीति करने वाले शिवराज ऐसी राजनीति बंद करो।
महिला अत्याचारों पर मौन रहना तो शिवराज की पुरानी आदत – सज्जन सिंह वर्मा
श्री वर्मा ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर ढोंग रचाने वाले शिवराज, जरा यह याद कर ले की मध्य प्रदेश को महिला अपराधों में देश में नंबर वन किसने बनाया? शिवराज यह भी याद रखें की प्रदेश में महिलाओं की ड्यूटी शराब दुकानों में किसने लगाई? साथ ही प्रदेश में हर रोज 10 से 12 महिलाओं और लड़कियों के साथ बलात्कार जैसी जघन्य घटनाएं हो रही हैं जिस पर भी वह मौन धारण कर लेते हैं।
मध्य प्रदेश को महिलाओं के लिए असुरक्षित बनाने वाले शिवराज महिला सम्मान की बात ना करें तो ज्यादा अच्छा होगा, प्रदेश में सिर्फ 3 सालों में 2016 से लेकर 2018 के बीच लगभग 80 हजार के आसपास महिलाएं एवं लड़कियां गायब हुई लेकिन शिवराज हमेशा इस मुद्दे पर मौन रहे अभी बिना मुद्दे के अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए महिलाओं के नाम का सहारा ले रहे हैं। प्रदेश की जनता इनकी हकीकत को पहचानती है और 3 नवंबर को शिवराज को इसका जवाब देगी।