नई दिल्ली । बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन का पर्चा दाखिल करने का काम शुरू हो गया है, लेकिन अब तक किसी भी गठबंधन में सीट का बंटवारा नहीं हो पाया है। ऐसे में अब एनडीए में गठबंधन को बचाने की जिम्मेदारी खुद बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने संभाल ली है। इसी सिलसिले में आज उन्होंने एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक की है ।बिहार एनडीए में चुनाव की घोषणा से पहले ही नीतीश कुमार की जेडीयू और पासवान की एलजेपी में जमकर तल्खी है। ऐसे में चिराग पासवान ने बंटवारे वाली सीटों का नाम पहले बताए जाने की शर्त रख दी है। खबरों के मुताबिक बीजेपी और जेडीयू 50-50 फ़ीसदी सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमत हो सकते हैं। बीजेपी अपने कोटे से एलजेपी को सीटें देगी जबकि जेडीयू अपने कोटे से जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा को सीटें देगी।उधर एलजीपी ने बीजेपी से 27 सीटों की मांग की है, हालांकि बीजेपी सूत्रों के मुताबिक एलजीपी को 10 से 15 सीटें ही देने का प्रस्ताव है। आपको बता दें एलजेपी ने 43 विधानसभा सीटों की मांग की थी, लेकिन अब घटकर एलजेपी 27 सीटों पर आ गई है। सूत्रों के मुताबिक बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 50-50 फ़ीसदी सीटों पर बीजेपी-जेडीयू लड़ सकती हैं, ऐसी सूरत में 121 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और 122 विधानसभा सीटों पर जेडीयू चुनाव लड़ेगी। बीजेपी अपनी 121 विधानसभा सीटों में से 15 सीटें अधिकतम एलजेपी को दे सकती है, जबकि जेडीयू अपनी 122 विधानसभा सीटों में से 5 से 8 सीटें जीतन राम मांझी के हिंदुस्तान आवाम मोर्चा को दे सकती है।