नई दिल्ली. महाचक्रवाती तूफान अम्फान (Super Cyclone Amphan) के आज दोपहर तक पश्चिम बंगाल (West Bengal) पहुंचने की उम्मीद है. राहत की बात ये हैं कि ओडिशा (Odisha) में तेज बारिश और हवा के चलते चक्रवाती तूफान (Cyclone) पहले से काफी कमजोर पड़ गया है. ओडिशा के पारादीप में सुबह से ही तेज हवाएं चल रही हैं. बताया जाता है कि यहां पर 82 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही है.180 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहे महाचक्रवाती तूफान अम्फान को देखते हुए पश्चिम बंगाल और ओडिशा के जोखिम वाले इलाकों को खाली करा दिया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक आज दोपहर या फिर शाम तक सुपर साइक्लोन 'अम्फान' पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के तट पर पहुंचेगा. अभी सुपर साइक्लोन अम्फान 180 KM/hr की रफ्तार से पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहा है.चक्रवाती तूफान 'अम्फान' के चलते कोलकाता एयरपोर्ट पर कल शाम 5 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है. बता दें कि कोरोना महामारी और चक्रवाती तूफान के लिए विशेष विमान यहां पर उतर रहे थे.ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर पीके जेना ने बताया कि चक्रवाती तूफान 'अम्फान' पारादीप से 110 किलोमीटर दूर है और 18-19 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. एक घंटे पहले पारादीप में 102 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली थी. आज देर शाम तक पश्चिम बंगाल में सुंदरबन के पास इसके लैंडफॉल होने की संभावना है. अगले 6-8 घंटे काफी महत्वपूर्ण है.पारादीप में हवा की गति 102 किमी प्रति घंटा, चांदबली में 74 किमी प्रति घंटा, भुवनेश्वर में 37 किमी प्रति घंटा और पुरी में 41 किमी प्रति घंटा है. पश्चिम बंगाल के ईस्ट मेदिनीपुर के दीघा में तेज हवाएं चल रही हैं और समुद्र में ज्वार उठ रहे हैं.दोनों राज्य हाई अलर्ट पर हैं.किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा और पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ की 40 टीमें तैनात की गई हैं. मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के लिए 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है और आगाह किया है कि कोलकाता, हुगली, हावड़ा, दक्षिण और उत्तर 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिलों में बड़े  पैमाने पर नुकसान हो सकता है.


ओडिशा के चांदीपुर के समुद्र में हाई टाइड उठ रहे हैं
ओडिशा के बालासोर जिले के चांदीपुर में तेज हवाएं चल रही हैं और समुद्र में हाई टाइड उठ रहे हैं. चक्रवाती तूफान के चलते मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है और आसपास के इलाकों को पूरी तरह से खाली कर दिया गया है.

रेल एवं सड़क मार्ग बाधित हो सकते हैं
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि कई स्थानों पर रेल एवं सड़क मार्ग बाधित हो सकते हैं, बिजली एवं संचार के खंभे उखड़ सकते हैं और सभी प्रकार के ‘कच्चे’ घरों को अत्यंत नुकसान होगा. मौसम विभाग ने तैयार फसलों, बाग-बगीचों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई है. सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि महाचक्रवात से उत्पन्न किसी भी घटना से निपटने के लिए सभी एहतियाती उपाय किए गए हैं. मैंने गृह मंत्री अमित शाह के साथ बातचीत की है. कम से कम तीन लाख लोगों को राज्य के तीन तटीय जिलों से निकाला गया है और राहत शिविरों में भेज दिया गया है.


180 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि अम्फान 20 मई को दोपहर बाद बेहद भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों से गुजर सकता है. तटों से टकराने से पहले इसकी प्रचंडता कुछ कम होगी और हवाओं की गति निरंतर 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटे बनी रहेगी जो बीच-बीच में प्रति घंटे 180 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ सकती है.भारत मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि चूंकि चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है इसलिए ओडिशा में इसका असर बहुत ज्यादा होने की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि हालांकि जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जैसे तटीय जिलों में मंगलवार शाम से भारी बारिश होने और तेज हवाएं चलने की आशंका है.