वॉशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जल्द ही चीन पर सख्त कार्रवाई करने की घोषणा कर सकते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रेस सेक्रेटरी कायली मैकनेनी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘‘ चीन पर होने वाली कार्रवाई के बारे में मैं राष्ट्रपति से पहले कुछ नहीं बता सकती लेकिन, जल्द ही आप इस बारे में सुनेंगे। आपको हमारे अगले कदम के बारे में इंतजार करना होगा।

कोरोना संक्रमण फैलने के बाद से ही चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है। राष्ट्रपति ट्रम्प कई मौकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कह चुके हैं। इसके साथ ही व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टॉफ रॉबर्ट ओ ब्रिन, एनएसए ओ ब्रिन और विदेश मंत्री पोम्पियो भी चीन पर कार्रवाई करने की बात कही है।

एनएस ब्रीन ने कहा- चीन ने हॉन्कॉन्ग को हड़प लिया

अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी अडवाइजर (एनएसए) ओ ब्रिन ने बुधवार को कहा कि चीन ने हॉन्कॉन्ग में नया सुरक्षा कानून लाकर उसे हड़प लिया है। यह इस दशक की सबसे बड़ी घटना है। चहन अब वहां के आजाद लोगों पर अपनी मर्जी थोप रहा है। अब हॉन्कॉन्ग को चीन का हिस्सा माना जाएगा। ऐस में हॉन्कॉन्ग से जुड़े कई नियम बदलेंगें। आने वाले हफ्तों में अमेरिका चीन से जुड़े कुछ अहम ला सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प से पहले अमेरिका में कोई  भी राष्ट्रपति चीन के खिलाफ ऐसे खड़ा नहीं हुआ। वे ट्रेड इंबैलेंस रोकने के लिए चीन पर ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देश के पहले राष्ट्रपति हैं। 

एफबीआई डायरेक्टर ने चीन को बताया अमेरिका का सबसे बड़ा खतरा

फेडरल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एफबीआई) के डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे ने कहा है कि चीन अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने मंगलवार को वॉशिंगटन के हडसन इंस्टीट्यूट के एक कार्यक्रम में यह बात कही थी। उन्होंने कहा था कि चीन अमेरिका के कोरोना से जुड़े रिसर्च पर असर डालना चाहता है। वह दुनिया का सुपरपावर बनने की कोशिशों में जुटा है। वह अपने मंसूबों में कामयाब होने के लिए चीन मूल के अमेरिकी लोगों को भी परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा था कि ची अमेरिका में आर्थिक स्थिति की जासूसी, डाटा चोरी और गैर कानूनी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल है।