• कालाबाजारी करने वालों को कलेक्टर की चेतावनी, अब कार्रवाई के लिए सड़क पर उतरेगी टीम
  • जिले में अब तक 27 हजार से ज्यादा संक्रमित, 9500 से ज्यादा एक्टिव केस, 319 मरीजों की मौत हो चुकी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोमवार रात 9 बजे से 7 दिन का लॉकडाउन लगाया जा रहा है। इस दौरान पहली बार लोगों को सब्जी, राशन और पेट्रोल तक नहीं मिलेगा। इसे देखते हुए बाजारों और मॉल में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। वहीं, हर कालाबाजारी भी जारी ही है। सब्जी, फल से लेकर हर सामान डेढ़ से दोगुना महंगा बिक रहा है।

लॉकडाउन लोगों की जेबें काट रहा है। खाद्य सामाग्री से लेकर हर चीज के दाम बढ़ गए हैं।
लॉकडाउन लोगों की जेबें काट रहा है। खाद्य सामाग्री से लेकर हर चीज के दाम बढ़ गए हैं।
दाल-आटे से लेकर चिकन-मटन तक हुआ महंगा
कलेक्टर डॉ. एस.भारतीदासन ने कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके बावजूद लॉकडाउन लोगों की जेबें काट रहा है। खाद्य सामाग्री से लेकर हर चीज के दाम बढ़ गए हैं। दाल-सब्जियां, आटा-तेल, चिकन-मटन सब महंगा हो गया है। यहां तक कि सिगरेट-गुटखा और शराब तक महंगी बिक रही है।

सब्जी/दाल/अन्य खाद्य सामग्री    पहले (प्रति किलो)    अब (प्रति किलो)
आलू    25    50
टमाटर    50    70
बैगन    30    40
गोभी    60    90
गिलकी    60-65    70-80
कद्दू    30    40
भिंडी    80    100
लौकी    40    40
तोरई    40    60
हरी धनिया    150    170-180
हरी मिर्च    120    150
गंवारफल्ली    45    60
रिफाइंड    110    120
आटा    25-30    28-35
अरहर दाल    80-100    100-120
मटन    600    650
चिकन    160-170    180

जिला प्रशासन की टीम ने तीन दुकानें सील की, आज भी कार्रवाई
कालाबाजारी करने और महंगा सामान बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए खाद्य निरीक्षकों के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। हालांकि इसका खास असर होना मुश्किल है। खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया ने बताया कि रविवार को राशन और किराना के 53 दुकानों का निरीक्षण किया गया। तीन दुकानों में महंगा सामान बेचने पर कार्रवाई की गई।

कालाबाजारी करने और महंगा सामान बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए खाद्य निरीक्षकों के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। टीम ने रविवार को राशन और किराना के 53 दुकानों का निरीक्षण किया। तीन दुकानों में महंगा सामान बेचने पर कार्रवाई की गई।
कालाबाजारी करने और महंगा सामान बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए खाद्य निरीक्षकों के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। टीम ने रविवार को राशन और किराना के 53 दुकानों का निरीक्षण किया। तीन दुकानों में महंगा सामान बेचने पर कार्रवाई की गई।

जिले की शराब दुकानें, धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन स्थल।
ऑटो, बस, रिक्शा, ई-रिक्शा, रिक्शा यात्री गाड़ियां नहीं चलेंगी।
सभी बैंक बंद रहेंगे, ऑनलाइन फूड डिलिवरी पर भी रोक।
शॉपिंग मॉल, कारोबार, होटल और रेस्टोरेंट रहेंगे बंद।
कार्यक्रम, जुलूस या राजनैतिक आयोजनों की अनुमति नहीं।
सभी केंद्रीय दफ्तर डाकघर, बीएसएनएल, पासपोर्ट बंद।
केवल इन्हीं को छूट

केवल दूध की ही दुकानें सुबह 6 से 8 और शाम को 5 से 6.30 बजे तक खुल सकेंगी।
पशु चारे के लिए पैट शॉप, एक्वेरियम सुबह 6 से 8 और शाम 5 से 6.30 तक खुलेंगी
कोविड केयर सेंटरों में भोजन, दवा, उपकरण आदि की सप्लाई पहले जैसे ही रहेगी।
जिले की सीमाएं सील हो जाएंगी। इसलिए बाहर जाने के लिए पहले ई-पास लेना होगा।
मीडियाकर्मी जरूरी काम पर बाहर जा सकेंगे, लेकिन उन्हें आई कार्ड साथ रखना होगा।
फैक्ट्रियों, उद्योगों या कंस्ट्रक्शन साइट में मजदूरों को वहीं रखकर काम करवा सकते हैं।
यूथ कांग्रेस ने छोटे दुकानदारों के समर्थन में लॉकडाउन का विरोध किया
वहीं, यूथ कांग्रेस ने इस लॉकडाउन का विरोध किया है। रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों के समर्थन में इसे गलत बताया है। यूथ कांग्रेस के रायपुर महासचिव अभिषेक कसर ने अपने फेसबुक वॉल पर कई तस्वीरें पोस्ट की हैं। इसमें रायपुर के छोटे दुकानदारों को लॉकडाउन के खिलाफ दिखाया गया है। साथ ही लिखा है कि लॉकडाउन का विरोध करते रायपुर के टाटा, बिरला और अंबानी।

यूथ कांग्रेस ने इस लॉकडाउन का विरोध किया है। रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों के समर्थन में इसे गलत बताया है।
यूथ कांग्रेस ने इस लॉकडाउन का विरोध किया है। रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों के समर्थन में इसे गलत बताया है।
परीक्षा के लिए जाने वाले छात्रों का प्रवेश पत्र ही उनका पास
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि लॉकडाउन के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र को ही पास माना जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रायपुर में कोरोना
रायपुर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थोड़ी कम जरूर हुई है, लेकिन अभी भी बहुत है। जिले में पिछले 10 दिनों से अब रोजाना औसतन 650 केस आ रहे हैं। इससे पहले यह आंकड़ा 1000 से ऊपर चला गया था। अभी तक जिले में 27711 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 319 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 9592 अभी एक्टिव केस हैं। हालांकि 17800 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। इसके चलते रिकवरी रेट बढ़ा है।