लखनऊ। योगी सरकार में माफियाओं और गैंगस्टर के खिलाफ हो रही धव्स्तीकरण की कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि किसी के पुश्तैनी घर को गिराना गलत है। उन्होंने कहा कि ऐसे तो लाखों लोग बेघर हो जाएंगे। अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बताएंगे कि उनके सरकारी आवास का नक्शा पास है कि नहीं। अखिलेश यादव के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कि इससे पता चलता है कि सपा सरकार में ऐसे लोगों को संरक्षण प्राप्त था। लंबे समय बाद पत्रकारों से मुखातिब अखिलेश ने कहा कि ये सरकार जिन लोगों के पुश्‍तैनी मकान हैं उन पर भी बुलडोजर चलवा रही है, लेकिन इसे हमसे ज्‍यादा कौन समझेगा। हमें खुद एफिडेविट देना पड़ा कि हम घर नहीं बनवा सकते। कोई मुझे बताए कि मुख्‍यमंत्री आवास का नक्‍शा पास है क्‍या? सपा अध्यक्ष ने उत्‍तर प्रदेश में खराब कानून-व्‍यवस्‍था का जिक्र करते हुए इसके लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्‍मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब मुख्‍यमंत्री बार-बार कहेंगे ठोंक दो-ठोंक दो, तो क्‍या होगा?
  अखिलेश यादव ने कोविड-19 को लेकर सरकार पर कम जांच कराने का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा कि सरकार और सरकार के लोग न तो बीमारी से लड़ रहे हैं और न ही अस्‍पतालों में इलाज करा रहे लोगों को कोई सुविधा दे पा रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि बड़ी संख्‍या में लोगों की जान गई, जिसमें कैबिनेट के मंत्री और विधायक भी शामिल हैं। जमीन पर काम करने वाले अधिकारी और पत्रकारों की भी जान गई। अब सरकार कह रही है कि हमें इस बीमारी के साथ रहना पड़ेगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार आंकड़े छिपाती है तो इससे क्‍या उम्‍मीद करोगे। प्रदेश में न जाने कितनी घटनाएं हुई जिसमें सरकार ने अपनी जिम्‍मेदारी नहीं निभाई। 

अखिलेश सरकार में भूमाफियाओं को मिलता था संरक्षण:
अखिलेश के आरोपों पर सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश जी के पास कोई जादुई चश्मा है, जिससे जब उनकी सरकार थी तो जो काम नहीं हुआ वो भी उन्हें दिखता था, उन्हें हमारी सरकार में हुए काम नहीं दिखते। वो किसानों का जो 36 हजार करोड़ का ऋण छोड़ गए थे उसको हमारी सरकार ने पूरा किया। 4 लाख करोड़ में से 2 लाख करोड़ के निवेश जमीन पर हैं वो उन्हें दिखाई नहीं देता। यहां तक कि इस कोरोना के समय में भी अन्य देशों से यहां निवेश आया है। अखिलेश यादव जी भूमाफियाओं के अवैध घरों पर हो रही कार्रवाई को बताते हैं कि पुश्तैनी घर भी गिराए जा रहे हैं। इससे पता चलता है कि इनकी सरकार में ऐसे लोगों को संरक्षण दिया जाता था।