नई दिल्ली|'ब्लैक फ्राइडे प्रोटेस्ट मार्च' में शामिल होने दिल्ली आ रहे अकाली दल के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बॉर्डर पर ही रोक दिया है। दिल्ली पुलिस ने भी ट्रैफिक अलर्ट जारी किया है। झाड़ोदा कलां बॉर्डर पर दोनों रास्ते किसान आंदोलन की वजह से बैरिकेडिंग लगा कर बंद कर दिए गए हैं।

मोदी और हरियाणा सरकार ने रोके हमारे कार्यकर्ता: सुखबीर बादल
सुखबीर बादल ने कहा है कि मोदी सरकार और हरियाणा सरकार ने हमारे कार्यकर्ताओं को रोक लिया। उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज किया, हमारी गाड़ियां तोड़ दीं। एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोका गया। हम यहां पीएम मोदी को यह संदेश देने आए हैं कि न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरा देश इस सरकार के खिलाफ है।

सुखबीर बादल ने दी गिरफ्तारी
सुखबीर बादल ने शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के साथ गिरफ्तारी दी है।भाजपा, कांग्रेस और आप पर साधा निशाना
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और किसानों को संबोधित किया। इस दौरान सुखबीर बादल ने बड़ा एलान भी किया है कि अगर पंजाब में उनकी सरकार बनती है तो वहां कृषि कानून लागू नहीं होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कानूनों को लेकर भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा। बादल ने आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी कृषि कानूनों के मामले में कटघरे में खड़ा किया।

हम कृषि कानूनों के वापस होने तक लड़ाई जारी रखेंगे: हरसिमरत कौर बादल
कृषि कानूनों के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल के प्रदर्शन मार्च में पार्टी की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी पहुंची हैं। उन्होंने यहां प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, कई किसानों ने अपनी जान गंवा दी और सैकड़ों अब भी दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे हैं लेकिन इस सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। हम अपनी लड़ाई तब तक जारी रखेंगे जब तक तीन कृषि कानून वापस नहीं हो जाते।कई रास्तों पर लगा लंबा जाम
दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल के प्रदर्शन के चलते कई मार्गों पर लंबा जाम लगा है जिसमें एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवा के वाहन भी घंटों से फंसे हैं।

शुरू हुआ अकाली दल का मार्च
रकाबगंज गुरुद्वारे से शिरोमणि अकाली दल का किसानों के समर्थन में प्रदर्शन शुरू हो चुका है। शिअद के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानून को रद्द करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही भारी मात्रा में अब कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और मार्च गुरुद्वारे से कुछ आगे बढ़ गया है।