नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। राजधानी दिल्ली में भी कोरोना वायरस का संक्रमण रफ्तार पकड़ चुका है। दिल्ली में लगातार हजारों की संख्या में कोरोना वायरस के मरीजों की पुष्टि हो रही है। इस बीच दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता अजय माकन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामले को लेकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की बहुत भयावह स्थित है। पिछले कुछ दिनों के अंदर जितने लोग संक्रमित हुए हैं। उससे दिल्ली देश के अंदर सबसे ज्यादा आगे निकल गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोगों को अस्पताल के लिए दर-दर के लिए भटकना पड़ जाए तो उससे बड़े शर्म की बात नहीं हो सकती। इसी का साथ उन्होंने पांच कारण भी बताते हुए दिल्ली सरकार को दोषी ठहराया।

अजय माकन ने ट्वीटर पर एक विडियो शेयर कर केजरीवाल सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पांच एसे बड़े कारण हैं जिसके लिए मैं दिल्ली सरकार को दोषी ठहराता हूं। सबसे पहला कारण दिल्ली के अंदर पॉजिटिव केस सबसे ज्यादा बढ़ गए हैं। यानी जितने लोगों के टेस्ट करे जाते हैं उसमें से सबसे ज्या पॉजिटिव निकलते हैं। ऐसे में दिल्ली के अंदर टेस्ट ज्यादा होनी चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि दिल्ली के अंदर 8 लैब के इसलिए लाइसेंस रद्द कर दिए गए कि उन्होंने ओवर टेस्टिंग कर दी। उन्होंने कहा कि एक तरफ दिल्ली के अंदर पॉजिटिव केस सबसे ज्यादा निकल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सरकार कह रही है कि आप ओवर टेस्टिंग कर रहे हैं।

उन्होंने दूसरा आरोप लागाते हुए कहा कि दिल्ली सरकरा ने कोई तैयारी नहीं की। 13 मार्च को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने करोना को महामारी घोषित कर दिया था। उन्होंने कहा कि 3899 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं घरों में एकांतवास (होम क्वारंटाइन) 11412 हैं। 15311 एक्टिव मामले हैं। उन्होंने कहा कि जब आपके पास 30 हजार बेड का इंतजाम है तो 11412 लोगों को होम क्वारंटाइन क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन का मतलब है घर के अंदर। जबकि घरों के अंदर कॉमन बाथरूम, कॉमन टॉयलेट है। अगर एक व्यक्ति को भी संक्रमण हो गया तो उसका पूरा परिवार संक्रमित हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि तैयारी का आलम यह है कि पांच दिन दाह संस्कार में लग जाते हैं। पांच दिन शव पड़ा रहता है लेकिन उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पाता। उन्होंने आरोप लगाया कि कहा कि दिल्ली में 36 सरकारी अस्पताल हैं लेकिन दो जून तक केवल 2 अस्पताल कोरोना मरीजों के लिए उपयोग किए जा रहे थे। अब जाकर पांच अस्पतालों की जोड़ा गया है। अभी भी 36 में से सिर्फ पांच अस्पताल दिल्ली सरकार कोरोना के मरीज को ठीक करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि आप बाकी के अस्पतालों को क्यों कोरोना मरीज के लिए उपयोग नहीं कर रहे। आपने जब अपने अस्पतालों के दरवाजे बंद कर दिए तो आप प्राइवेट अस्पतालों को क्यों दोषी ठहरा रहे हैं।

तीसरा आरोप लगाया कि हमारे भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन यह कहती है कि जो करोना से मरा है, उसकी टेस्टिंग जरूर होनी चाहिए ताकि ट्रेसिंग किया जा सका, लेकिन दिल्ली सरकार गाइडलाइन को नहीं मान रही है और मृतकों की टेस्टिंग नहीं कर रही है। जब टेस्टिंग नहीं होगी तो आप किस प्रकार कोरोना को रोक पाएंगे।

चौथा आरोप लगाया कि बिना तैयारी के दिल्ली के अंदर शराब की दुकानों को खोल दिया गया। दुकानों पर लाइनें लग गई। सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ी। उन्होंने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि हजारों लोगों को संक्रमण उसी दिन हुआ होगा। दिल्ली सरकार इस चीज की जिम्मेदार है। दिल्ली सरकार ने अपने खजाने को भरने के लिए शराब की दुकानों को खोलने का आदेश दिया।

माकन ने पांचवा आरोप लगया कि जिस तरह प्रवासी मजदूर तकलीफ में परेशान होकर दिल्ली छोड़कर जा रहे हैं। बड़े दुख की बात है। मैं उम्मीद करता हूं कि दिल्ली सरकार इसको जरूर देखेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जो निर्माता हैं उन्हें इतनी तकलीफ में शहर को छोड़कर जाना पड़ा। साथ ही उन्होंने कहा कि दुकानें लॉकडाउन में बंद थी उन्हें फिक्स चार्ज अभी भी देना पड़ रहा है।