रायपुर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने रोगियों के लिए एक नई तरह की एंबुलेंस तैयार की है जो चलती-फिरती मिनी आईसीयू के समान कार्य करेगी। इसमें गंभीर और दुर्घटनाग्रस्त रोगियों के जीवन रक्षा के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें ट्रांसपोर्ट वेंटीलेटर और डिजि‍टल आक्सीजन डिलीवरी सिस्टम शामिल होगा। इसमें जीपीएस भी लगा है, जिससे पल-पल इसके परिवहन पर नजर रखी जा सकेगी। एम्‍स न‍िदेशक प्रो. (डॉ.) न‍िति‍न नागरकर ने शुक्रवार को प्रदेशवास‍ियों की सेवा के ल‍िए समर्प‍ित क‍िया।

नई एंबुलेंस को नेशनल एंबुलेंस कोड के मुताबिक तैयार किया गया है। इसमें आमतौर पर मिलने वाली एंबुलेंस में ही कई और सुविधाएं जोड़कर नए रूप में रोगियों की सेवा के लिए तैयार किया गया है। निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि इसमें आईसीयू के समान पूरा सेटअप प्रदान किया गया है। इसमें ऑटो लोडिंग स्ट्रक्चर, व्हील चेयर, सक्शन पंप और सिरिंज पंप शामिल होंगे।

एंबुलेंस में गंभीर या दुर्घटनाग्रस्त रोगी को घटनास्थल से अस्पताल तक पहुंचाने के दौरान दी जाने वाली आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इसे नौ घंटे तक नियमित रूप से प्रयोग किया जा सकता है, जिसके लिए इंवर्टर और बैटरी सुविधाएं भी दी गई हैं। रोगी की सुविधा के लिए इसमें स्पाइन बोर्ड और स्कूप स्ट्रेचर है, जिससे रोगी को आसानी के साथ एंबुलेंस में उठाकर रखा जा सकता है। एडवांस एनाउंसमेंट सिस्टम और डिजीटल मॉनीटर भी इसमें लगा हुआ है। एंड्रायड एप और जीपीएस के माध्यम से इसे हर पल ट्रैक भी किया जा सकता है। प्रो. नागरकर ने इसे प्रदेशवासियों की सेवा के लिए लोकार्पित किया। इस अवसर पर उप‑चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नितिन कुमार बोरकर, डॉ. रमेश चंद्राकर और एमएसएसओ सौरभ कुमार धसमाना आदि उपस्थित थे।