इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन का फाइनल मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया और इस मुकाबले में एम एस धौनी की कप्तानी में केकेआर की तीसरी बार खिताबी जीत का सपना टूट गया। इस मैच में केकेआर के दोनों ओपनर बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर और शुभमन गिल जैसे ही आउट हुए मैच पूरी तरह से एकतरफा नजर आने लगा और अंत में केकेआर ने हथियार डाल दिए। इस पूरे सीजन में केकेआर की परेशानी मध्य और निचले क्रम के लगातार फेल हो रहे बल्लेबाज थे और फाइनल में भी वहीं नजारा देखने को मिला। 

धौनी की कप्तानी में केकेआर को हराते ही सीएसके इस साल की चैंपियन बन गई साथ ही साथ चौथी बार खिताबी जीत हासिल करने का गौरव भी प्राप्त किया। अब सीएसके सिर्फ मुंबई से ही पीछे है जो पांच बार टाइटल जीत चुकी है। सीएसके की तरफ से पहली पारी में बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की खास तौर पर डुप्लेसिस की पारी दमदार रही तो वहीं बाद में गेंदबाजों ने अपनी टीम को मैच में वापसी करवाई। शार्दुल ठाकुर ने अहम मौकों पर विकेट लेकर सीएसके की तरफ मैच का रुख मोड़ दिया। धौनी बेशक अब 40 के पार हो चुके हैं, लेकिन उनकी कप्तानी का जादू अभी भी सिर चढ़कर बोल रहा है। 

केकेआर को हराकर खिताबी जीत हासिल करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स को ईनाम के तौर पर 20 करोड़ रुपये दिए गए तो वहीं उप-विजेता रही केकेआर को भी 12.5 करोड़ रुपये की राशि दी गई। इस मैच में जीत के बाद धौनी ने कहा कि सच तो ये है कि इस साल खिताब जीतने की हकदार केकेआर थी। केकेआर ने जिस तरह से नीचे से उठते हुए फाइनल तक का सफर तय किया वो अपने-आप में काबिलेतारीफ है। उन्होंने अपनी टीम की भी तारीफ की और कहा कि इसमें कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं और इनके बिना ये जीत संभव नहीं थी।