पंजाब कैबिनेट की शुक्रवार यानी आज वर्चुअल बैठक हो रही है। खास बात यह है कि इसमें रामपुरा फूल से विधायक व पंजाब सरकार में मंत्री गुरप्रीत कांगड़ के दामाद को सरकारी नौकरी देने की तैयारी हो रही है। कांगड़ के दामाद गुरेशर सिंह के पिता ने लोक सेवा आयोग के चेयरमैन को रिश्वत लेते पकड़वाया था। हालांकि बाद में उनकी हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इस बाबत यहां प्रस्ताव लाया जा रहा है। हालांकि इससे पहले विधायक राकेश पांडे व फतेहजंग सिंह बाजवा के बेटों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी गई थी। जिस पर खूब बवाल हुआ था। विरोधियों के साथ कांग्रेस ने ही कैप्टन सरकार की घेराबंदी की थी।

वहीं, इस बैठक में CM कैप्टन अमरिंदर सिंह से बागी चल रहे मंत्रियों सुखजिंदर रंधावा व तृप्त राजिंदर बाजवा के शामिल होने पर नजर रहेगी। दोनों ने कैप्टन को कुर्सी से हटाने की मांग करते हुए पिछली कैबिनेट बैठक का बायकॉट किया था। इसके बाद उन्होंने बटाला को जिला बनाने के लिए लेटर लिख कैप्टन से मिलने का वक्त मांग सुलह की कोशिश की थी। जिसे कैप्टन ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह मांग सांसद प्रताप सिंह बाजवा पहले ही कर चुके। इसके बाद अब फिर इन दोनों मंत्रियों की अगुवाई में सोनिया गांधी को विधायक दल की बैठक बुलाने का लेटर लिखे जाने की चर्चा है। वहीं, यह मंत्री वर्चुअल नहीं बल्कि सामान्य बैठक की मांग कर रहे हैं।

मंत्री कांगड़ के दामाद को क्यों दी जा रही नौकरी

मंत्री गुरप्रीत कांगड़ के दामाद गुरशेर सिंह भूपजीत सिंह के बेटे हैं। यह वही भूपजीत सिंह हैं, जिन्होंने 2002-2007 में पिछली कैप्टन सरकार के वक्त में पंजाब लोक सेवा आयोग के चेयरमैन रवि सिद्धू को 5 लाख रिश्वत के मामले में रंगेहाथ पकड़वाया था। हालांकि कुछ वक्त बाद भूपजीत की हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह भी चर्चा है कि परसोनल विभाग इस नियुक्ति के पक्ष में नहीं है क्योंकि गुरशेर सिंह की आर्थिक हालत ऐसी नहीं है कि उन्हें दया के आधार पर नौकरी दी जाए।

बाजवा ने किया था इनकार, पांडे के बेटे को मिली नौकरी, कागड़ ने चलाई फाइल

कैप्टन सरकार की कैबिनेट ने पहले भी विधायक फतेहजंग बाजवा के बेटे को पुलिस व राकेश पांडे के बेटे को रेवेन्यू विभाग में नौकरी दी। इसको लेकर खासा बवाल हुआ तो बाजवा के बेटे ने नौकरी से इनकार कर दिया। पांडे के बेटे ने नौकरी कबूल ली। इसके बाद ही गुरप्रीत कांगड़ भी सक्रिय हुए और दामाद के लिए नौकरी की फाइल बढ़ा दी। हालांकि पहले उनके दावे काे खारिज कर दिया गया था। अब पंजाब कांग्रेस में चली कलह के दौरान कुछ वक्त कांगड़ ने भी कैप्टन के खिलाफ बागी तेवर दिखाए। जिसके बाद कैप्टन सरकार अब नौकरी देने पर राजी नजर आ रही है।