भोपाल. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से ठीक हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने अब अपना प्लाज्मा (Plasma) डोनेट करने का फैसला लिया है. रविवार को हुई कोरोना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी बॉडी में कोरोना के एंटीबॉडीज डेवलेप हो गए होंगे. लिहाजा वो जल्द ही प्लाज्मा डोनेट करेंगे. सीएम के मुताबिक जब डॉक्टर उन्हें प्लाज्मा डोनेट करने के लिए फिट बताएंगे वो अपना प्लाज्मा डोनेट कर देंगे. मुख्यमंत्री कोरोना को मात देकर बीते 5 अगस्त को अस्पताल से घर लौटे हैं.रविवार को अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मृत्युदर को न्यूनतम करने के लिए शासन, प्रशासन, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टॉफ और जनसामान्य को साथ मिलकर काम करना होगा. कोरोना संभावित व्यक्तियों की जल्द पहचान तथा उन्हें तत्काल मेडिकल केयर उपलब्ध कराना, बचाव एवं उपचार का उपाय है. इसके लिए प्रदेश में परीक्षण क्षमता बढ़ाना होगी. मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश में प्रतिदिन 20 हजार टेस्ट की क्षमता विकसित करने के निर्देश दिए.

गंभीर मरीज अस्पताल में, सामान्य होम आइसोलेशन में रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना अब शहरों से कस्बों और कस्बों से गांवों की ओर फैल रहा है. इससे बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों पर जागरुकता अभियान चलाना होगा. नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह को नगरीय क्षेत्रों में मास्क के उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग पर जागरुकता तथा इनका पालन सुनिश्चित कराने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला चिकित्सालयों तक की क्षमता में सुधार करना जरूरी है. अस्पतालों में गंभीर मरीजों का इलाज ठीक से हो, इसके लिए सामान्य लक्षण वाले मरीजों के होम आइसोलेशन को प्रोत्साहित करना चाहिए. इसमें रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए ऐप तथा अन्य आवश्यक साधनों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए.

कोरोना वारियर्स का होगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि समीक्षा का उद्देश्य चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ की कमियां निकालना नहीं है. वे हमारे कोरोना वारियर्स हैं. उनका मनोबल तथा उत्साह बनाए रखना जरूरी है. जल्दी ही कोरोना वारियर्स के सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कोरोना की स्थिति पर वास्तविक जानकारी जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से संभाग स्तर पर मीडिया ब्रीफिंग आयोजित करने के भी निर्देश दिए. वीडियो कान्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने जानकारी दी कि जनसामान्य में जागरुकता के लिए 15 अगस्त से "सहयोग से सुरक्षा अभियान" शुरू किया जाएगा.

समीक्षा बैठक की प्रमुख बातें
·डेथ ऑडिट के साथ-साथ ट्रीटमेंट ऑडिट सुनिश्चित होगा
·उपचार और व्यवस्था में सुधार की दृष्टि से गंभीर मरीजों की उपचार प्रक्रिया के अध्ययन के लिए विशेषज्ञ समूह का गठन
·जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कोरोना के खतरों की जानकारी देने पर फोकस
·कोरोना के लक्षणों का लगातार विस्तार हो रहा है, उसके मुताबिक उपचार रणनीति विकसित करना
·लक्षणों के परीक्षण के लिए निश्चित चेकलिस्ट विकसित करना तथा समय-समय इसे स्टडी करना
· संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल की निरंतर समीक्षा
·चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ को संक्रमण से बचाने के लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करना
·कोरोना वार्ड के अनुवीक्षण का दायित्व वरिष्ठ चिकित्सकों को सौंपा जाए
·गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए चिकित्सकों की टीम आधारित एप्रोच क्रियान्वित हो
·कोरोना उपचार के अद्यतन प्रोटोकॉल के अनुसार पैरामेडिकल स्टॉफ का निरंतर प्रशिक्षण सुनिश्चित करना
·स्थानीय स्तर पर उपलब्ध चिकित्सकों तथा अन्य पैरोमेडिकल को कोरोना संक्रमण की पहचान प्रक्रिया से जोड़ना
·संभावित तथा संक्रमितों को कोविड केयर सेंटर तथा डेडिकेटेड सेंटर में रैफर करने के लिए सरल व सुविधाजनक प्रोटोकॉल सुनिश्चित करना
·थर्मल गन, पल्स ऑक्सीमीटर तथा अन्य परीक्षण उपकरणों की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करना
·मेडिकल कॉलेज तथा एम्स को जिला चिकित्सालयों की मेंटरिंग का दायित्व
·60 वर्ष से अधिक उम्र के अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के चिन्हांकन के लिए विशेष व्यवस्था