सावन माह की शुरुआत होते ही एक बार फिर से त्यौहारों का सिलसिला चल पड़ा है। इसी कड़ी में आने वाले दो बड़े त्यौहारों में नाग पंचमी और रक्षाबंधन का प्रमुख त्यौहार है। नाग पंचमी का त्यौहार आगामी 25 जुलाई को है, जबकि इस बार रक्षाबंधन का त्यौहार सावन माह के अंतिम सोमवार को यानी कि 3 अगस्त को मनाया जाएगा। आज हम आपसे पहले आने वाले त्यौहार नाग पंचमी से जुड़ी कुछ ख़ास बात करेंगे। यहां पर हम आपको बताएंगे कि आख़िर नाग पंचमी का त्यौहार क्यों मनाया जाता है ?

भारतीय संस्कृति के प्रमुख त्यौहारों में से एक नाग पंचमी भी है। इस दिन सर्प देवता की पूजा की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है। इस दौरान घरों में हर्षोल्लास का वातावरण रहता है। इस दिन गेंहू, चने और सिंवई आदि को भी उबालकर खाया जाता है। ज्योतिष गणपति गोपाल शास्त्री बताते हैं कि पंचमी तिथि के स्वामी के रूप में नाग देवता को माना जाता है। इस दिन नाग देवता का पूजन करने वाले व्यक्ति को भूमि खोदने का काम भी नहीं करना चाहिए।

नाग पंचमी के दिन कई नियमों से लोगों को गुजरना होता है। लोग इस दिन उपवास भी करते हैं और वे इससे एक दिन पूर्व यानी कि चतुर्थी तिथि को भोजन करने के बाद अपना व्रत पंचमी तिथि को शाम के समय खोलते हैं। दिन में नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है। दूध पिलाने के साथ ही उन्हें खीर का भोग भी लगाया जाता है।