रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) राजनीति में शतरंज के माहिर खिलाड़ी माने जाते रहे हैं. यही कारण है कि अजीत जोगी की हर गतिविधि पर राजनीतिक पंडितों की नजर रहती थी. उनकी हर चाल विरोधियों के लिए चर्चा और चिंता का कारण बन जाती थी. अजीत जोगी के बारे में कहा जाता है कि वे पावर में रहें या न रहें. लेकिन चर्चा में कैसे रहना है ये उन्हें बखूबी पता होता था. जोगी ने कांग्रेस से अलग होकर 23 जून 2016 को सूबे में नई राजनीतिक पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) नाम से पार्टी खड़ी कर दी. साल 2016 के बाद महज डेढ़ साल में ही सूबे में विधानसभा चुनाव 2018 होने वाला थे और चौंकाने वाला वाकया सामने तब आया जब बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलकर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह ऐलान कर दिया कि बसपा और जेसीसीजे का गठबंधन विधानसभा चुनाव 2018 एक साथ लड़ेंगे.

'मायावती को पीएम के तौर पर देखना चाहता हूं'
उसी समय छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी ने कहा कि वो 2019 में मायावती को प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में उन्होंने खुद को गठबंधन का सीएम उम्मीदवार बताया था. इसके बाद छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस मायावती की बीएसपी और वामदल के साथ मिलकर चुनाव लड़े. जिसमें जेसीसीजे को 5 सीटे और 2 सीटे बसपा के खाते में गई. वामदल अपना खाता भी नहीं खोल पाया. इसके पीछे कांग्रेस पार्टी की भी एक रणनीति थी कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी का प्रभारी पीएल पुनिया को बनाया गया था वो एक जमाने में मायावती के काफी करीबे हुआ करते थे. जिसका फायदा छत्तीसगढ़ कांग्रेस को मिला और कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में प्रचंड जीत हासिल की.

लोकसभा चुनाव में उतरना मुनासिब नहीं समझा
विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव 2019 होने थे. लेकिन अजीत जोगी ने इन चुनावो में उतरना मुनासिब नही समझा और कांग्रेस को वॉकओवर दे दिया. लेकिन अजीत जोगी की पार्टी का साथ कई लोगों ने छोड़ दिया. इसके बाद से ही कांग्रेस को छोड़कर नया राजनीतिक मोर्चा तैयार करने वाले अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ में भगदड़ मच गई. जोगी की पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 7 प्रत्याशी इस समय कांग्रेस में हैं. इनके अलावा पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राष्ट्रीय व राज्य स्तर के कई पदाधिकारी भी कांग्रेस का हाथ थाम चुके हैं.

जोगी की पार्टी का क्या होगा? खड़ा हो रहा सवाल
पार्टी में बड़े नेताओं के नाम पर खुद अजीत जोगी के बाद उनकी पत्नी रेणु जोगी और बेटे अमित जोगी के साथ विधानसभा चुनाव में जीते तीन अन्य विधायक और कुछ गिने चुने पदाधिकारी ही बचे हैं. अब अजीत जोगी के निधन हो जाने के बाद उनके बनाए गये राजनीतिक दल का क्या होगा इस पर सवाल खड़ा हो रहा है.