भारतीय महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अदिति चौहान भी राष्ट्रीय टीम की स्ट्राइकर बाला देवी की तरह ही विदेशी लीग में खेलना चाहती है। अदिति के अनुसार अगले साल भारत फीफा अंडर -17 विश्व कप और 2022 में एएफसी एशियाई कप की मेजबानी करने जा रहा है जिससे भी देश में महिला फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ेगी। ऐसे में अधिक से अधिक खिलाड़ी बाला देवी की तरह ही विदेशी लीग में खेलना चाहेंगी। बाला देवी पिछले साल यूरोप में शीर्ष स्तर की पेशेवर लीग में खेलने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। अब वह ग्लासगो स्थित रेंजर्स टीम के साथ स्कॉटिश प्रीमियर लीग में खेलती है। अदिति ने कहा, ‘‘ भारत में प्रतिभा की कोइ कमी नहीं है। मैं चाहती हूं कि अधिक से अधिक लड़कियां इस तरह का अनुभव प्राप्त करें और बेहतर प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलना सीखें। आयु वर्ग के खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिल रहे, ऐसे में मुझे भरोसा है कि कई खिलाड़ी बाला की राह पर चलेंगी।’
अदिति ने कहा, ‘‘ बाला बेहतरीन खिलाड़ी है और रेंजर्स के साथ उनका जुड़ना शानदार है।’’अदिति ने भी इंग्लैंड में पढ़ाई के दौरान 2015 से 2018 के बीच लंदन स्थित वेस्ट हैम लेडीज क्लब की ओर से खेला था। वह हालांकि शीर्ष स्तरीय लीग नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ यूरोप में खेल का स्तर और संस्कृति काफी अलग है। यूरोप में पूरी तरह से पेशेवर चीजें है। बाला देवी जो अनुभव वहां हासिल करेंगी उससे पूरे भारतीय फुटबॉल को फायदा होगा।’’
भारत के लिए 15 मैच खेलने वाली 27 साल की इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘जब भी वह राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने के लिए वापस आएंगी, तो हम उनके अनुभवों को जानने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे है। मुझे यकीन है कि वह उसे सब के साथ साझा करना पसंद करेगी, खास कर के अंडर-17 टीम के खिलाड़ियों के साथ। उनका अनुभव आयु वर्ग के खिलाड़ियों के करियर के लिए काफी अहम होगा