बिलासपुर । शासन प्रशासन का ध्यान इन दिनों लॉकडाउन पर टिका हुआ है ,ताकि कोरोना वायरस के खतरे से बचा जा सके। इस बीच निर्माण कार्यों पर विराम लगा दिया गया है। वहीं जर्जर मकानों पर निगम प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है, ऐसे में जर्जर भवन से कभी भी हादसा हो सकता है। लोग शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं। कई ऐसे मकान है जिसके मालिक यहां नहीं रहते और रखरखाव के अभाव में जर्जर अवस्था में है जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। जूना बिलासपुर साव धर्मशाला के पास मुख्य मार्ग में एक जर्जर मकान खंडरनुमा अवस्था में है। इस मकान में कोई नहीं रहता, मकान मालिक का भी अता पता नहीं है। आस पास रहने वाले लोग दहशत में है। ऐसे मकानों को ढहाये जाने की सख्त आवश्यकता है, लेकिन निगम के अधिकारी अपनी आंखे मूंद गुजर आते हैं। मालूम हो कि नगर निगम का अमला किसी मकान के निर्माण कार्य शुरू होते हुए नियमों का पुलिंदा लेकर धमकी-चमकी देने पहुंच जाते हैं और बिना पैसा वहां से वापस नहीं आते। जर्जर मकानों से निगम के अधिकारी कर्मचारियों को कोई वास्ता नहीं रहता। शहर में कई ऐसे पुराने मकान है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से ढहाये जाने की जरूरत है। जूना बिलासपुर में यह जर्जर मकान साव परिवार के जमीन से सटा हुआ है। मुख्य मार्ग में होने के कारण यहां कभी अप्रिय घटना होने की आशंका है। जनहित में नगर निगम के अधिकारियों को ऐसे मकानों को अवलोकन कर तत्काल प्रभाव से ढहा देने की जरूरत है।