नई दिल्ली । उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने केन्‍द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्‍पात मंत्री धर्मेन्‍द्र प्रधान से आंध्र प्रदेश में उन सभी पेट्रोलियम परियोजनाओं में तेजी लाने को कहा जो कार्यान्‍वयन के विभिन्‍न चरणों में हैं। केन्‍द्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने उपराष्‍ट्रपति को आश्‍वस्‍त करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में सभी परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन में तेजी लाने के लिए सभी आवश्‍यक कदम उठाए जाएंगे। राज्‍य सभा में सभापति के चैम्‍बर में आयोजित इस बैठक के दौरान नायडू ने 1.7 एमएमटीपीए पेट्रोलियम उत्‍पादों के उत्‍पादन के लिए लगभग 32,000 करोड़ रुपये के निवेश से काकीनाडा में स्‍थापित किए जा रहे नए पेट्रोरसायन कॉम्‍प्‍लेक्‍स की ताजा स्थिति के बारे में पूछा। यह परियोजना आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से हिंदुस्‍तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्‍थापित की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्री और उनके साथ आए गेल के अधिकारियों ने उपराष्‍ट्रपति को यह जानकारी दी कि केन्‍द्र सरकार इस पेट्रोरसायन परियोजना को जल्‍द-से-जल्‍द कार्यान्वित करने की इच्‍छुक है और वह इस परियोजना के वित्त पोषण के लिए विशिष्‍ट वित्तीय रूपरेखा पर राज्‍य सरकार के जवाब का इंतजार कर रही है क्‍योंकि इसे राज्‍य सरकार के साथ साझेदारी में संयुक्‍त रूप से कार्यान्वित किया जा रहा है। ओएनजीसी के अधिकारियों ने उपराष्‍ट्रपति को केजी बेसिन और राजमुंदरी में ओएनजीसी की अपतटीय एवं तटवर्ती परियोजना से अवगत कराया। ओएनजीसी आंध्र प्रदेश में अपतटीय परियोजनाओं में 68,000 करोड़ रुपये और तटवर्ती परियोजनाओं में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की तैयारी में है। पेट्रोलियम मंत्री ने उपराष्‍ट्रपति को यह जानकारी दी कि केन्‍द्र सरकार और निजी क्षेत्र की ओर से आंध्र प्रदेश के पूर्वी तट पर हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में भारी-भरकम ‍निवेश किया जा रहा है और काकीनाडा जल्‍द ही देश में एक हाइड्रोकार्बन हब के रूप में उभर कर सामने आएगा।