नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मादीपुर इलाके में बीच सड़क पर चाकुओं से गोदकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक नाबालिग ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर युवक की बीच सड़क पर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। तीनों नाबालिगों ने मनीष मेहता पर 70 दफा चाकुओं से वार किया और फरार हो गए। पूरी वारदात सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया में वायरल हो गया। मनीष ने एक नाबालिग को डेढ़ महीने पहले बाइक पर स्टंट करने से रोका था और उसे डांट लगाई थी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद ख्याला थाना पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया और तीनों आरोपियों को दबोच लिया। वे नेपाल भागने की फिराक में थे। उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने बताया कि मृतक मनीष मेहता रघुबीर नगर इलाके में रहता था। परिवार में पत्नी, दो बेटी और एक बेटा शामिल है। मनीष निजी गाड़ी चलाकर परिवार का गुजारा करता था। 

पुलिस ने बताया कि 8 जुलाई की रात 8 बजे के करीब मनीष जनरल स्टोर पर खड़ा था, तभी नाबालिग ने दो साथियों के साथ मनीष पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला बोल दिया। मनीष खुद को बचाने के लिए भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे सड़क पर गिरा दिया। उसके गिरने के बाद दो नाबालिग लगातार उस पर चाकू से वार करते रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों चाकू लहराते हुए आराम से मौके से फरार हो गए। सूचना के बाद पहुंची ख्याला थाना पुलिस ने मनीष को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

70 से ज्यादा वार
घटना की वीडियो सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। वीडियो में मनीष के पीछे तीन नाबालिग भागते नज़र आ रहे हैं। तीनों ने उसे पकड़ा और मारपीट करने लगे। एक नाबालिग उसे गिराकर उसके पेट पर बैठ गया और चाकू से वार करने लगा। एक ने उसका हाथ पकड़ लिया। दो नाबालिगों ने मिलकर मनीष पर एक के बाद एक कुल 70 वार किए। दोनों तब तक वार करते रहे जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।  

मदद के लिए लगाता रहा गुहार
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि तीनों नाबालिग बीच सड़क पर मनीष को मार रहे हैं। लोग वहां से निकल रहे हैं और खड़े होकर देख रहे हैं। कोई बीच-बचाव के लिए नहीं आ रहा। मनीष मदद के लिए चिल्ला रहा है। लोग कुछ देर देखकर वहां से चुप निकल जाते हैं और तीनों नाबालिग मनीष पर ताबड़तोड़ चाकू से वार करते रहते हैं। 

डेढ़ माह पहले लगाई थी डांट
पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर जब पूछताछ की और हत्या का कारण सामने आया तो सभी चौंक गए। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि करीब डेढ़ माह पहले मनीष ने मुख्य आरोपी को डांटा था। नाबालिग गलियों में तेज रफ्तार से बाइक चलाता था और स्टंट करता था। मनीष ने उसे डांट लगाकर ऐसा न करने को कहा था। इसके बाद नाबालिग ने अपने दोस्तों के साथ जाकर मनीष के घर पर झगड़ा भी किया था। झगड़े के बाद नाबालिग मनीष को सबक सिखाने की धमकी देकर गया था। मनीष ने उस पर ध्यान नहीं दिया। 8 जुलाई को मनीष जब घर के काम से दुकान पर गया तो उसके अकेला पाकर नाबालिग ने दोस्तों के साथ मनीष पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।