नई दिल्ली । पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से नई पार्टी बनाए जाने की घोषणा के बाद कांग्रेस की बैचेनी बढ़ गई है। कैप्टन ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अपनी योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने फोन पर बात करने की कोशिश की, पर मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। हर इंसान की अपनी-अपनी सोच और जमीर होता है। बुधवार को दिए एक इंटरव्यू में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस के लिए खूब किया, लेकिन कांग्रेस मुझे नहीं रखना चाहती तो इसका मतलब ये थोड़ी की मैं बैठ जाऊंगा। मैं अपने स्टेट के लिए लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि जब मुझे लगेगा की मेरे रिटायरमेंट का समय आ गया तो रिटायर हो जाऊंगा, लेकिन अभी मुझमें बहुत दम है और मैं लड़ूंगा। पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में मेन दुश्मन के सवाल पर कैप्टन ने कहा कि तीनों (आप, अकाली दल और कांग्रेस) होंगे। मैं अपने दुश्मन को कभी कमजोर नहीं समझता हूं। दुश्मन नंबर-1 के सवाल पर कहा कि दुश्मन कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि सबका अपना-अपना सपोर्ट बेस है। आम आदमी पार्टी, अकाली दल और कांग्रेस का अपना-अपना सपोर्ट बेस है। जिसके साथ सही लगेगा, हम उसके साथ डीलिंग करेंगे। कैप्टन ने कहा कि जो सामने आएगा उससे लड़ेंगे।
चरणजीत सिंह चन्नी अच्छे सीएम हैं। वह मेरे सीएम रहते मंत्री रहे हैं और उसने अच्छा काम भी किया था। नवजोत सिंह सिद्धू को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बेकार मंत्री करार दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धू को कुछ महीने बाद ही बाहर कर दिया था। सिद्धू को जब पंजाब का अध्यक्ष बनाया जा रहा था तो मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखा और कहा कि ये बेकार का आदमी है। इससे आप परेशान हो जाओगे। जब तक आपको महसूस होगा, तब तक काफी देर हो चुकी रही होगी। सीएम पद के सवाल पर कैप्टन ने कहा कि कुर्सी पकड़कर बैठने वाला थोडी हूं। मुझसे बोला गया कि इस्तीफा दीजिए और मैंने राज्यपाल को इस्तीफा दे दिया। हां, मैंने ये जरूर कहा था कि मेरी लीडरशिप में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने दीजिए। उसके बाद आप जिसे मुख्यमंत्री बनाए मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी। मुझे खुशी होगी कि मैं जीत के निकला हूं और इसके लिए मैंने खुद राष्ट्रीय को पत्र लिखा था।