रायपुर राज्य महिला आयोग में बुधवार को विभिन्न शिकायतों का निराकरण किया गया। इसमें एक शिकायत पर आवेदिका मितानिन का कार्य करती है, जिसे अनावेदक द्वारा जादू, टोना, डायन, चुड़ैल जैसे अपशब्द कहता रहता है। इसकी शिकायत आवेदिका ने विस्तार से आयोग के समक्ष रखी है। अनावेदक के कथन से यह पता चलता है कि उसकी मां के मृत्यु का आरोप लगाकर आवेदिका को पूरे मोहल्ले में दुष्प्रचार करता रहता है।

अपने बचाव में अनावेदक ने कहा कि डूमर के पेड़ से दुर्गंध आती है और सांस लेना मुश्किल है उसे काटने का आवेदन दिया हूं, और आवेदिका पेड़ को कटने से बचाना चाहती है। सभी तथ्यों को आयोग द्वारा सुना गया। इसके बाद आयोग द्वारा आवेदिका को समझाइश दिया गया कि आयोग में प्रस्तुत दस्तावेजों को लेकर पुलिस थाना पुरानी बस्ती में अनावेदक के विरूद्ध टोनही प्रताड़ना अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कराने कहा गया।

सुनवाई में आयोग की अध्यक्ष डा. किरणमयी नायक, सदस्य शशिकांता राठौर, अनीता रावटे आदि लोग उपस्थित रहे। जनसुनवाई में 20 प्रकरण में 10 पक्षकार उपस्थित हुए और चार प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

संपत्ति विवाद एक अधिवक्ता नियुक्त

एक अन्य प्रकरण में वृद्ध महिला की शिकायत गम्भीर प्रकृति का है। अनावेदक पक्ष उसकी संपत्ति के हिस्सेदार है और इसके बावजूद आवेदिका और उसकी बेटियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत उसकी बेटियों ने किया है। विवाद का कारण तेलीबांधा स्थित संपत्ति का है। इस प्रकरण में संपत्ति के मौका मुआयना के लिए आयोग ने एक अधिवक्ता को नियुक्त किया है। मौका मुआयना रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।