ग्वालियर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने देश के कश्मीर मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। पीडीपी मेहबूबा मुफ्ती के फिल्म स्टार शाहरूख खान के बेटे के ड्रग्स मामले में बोलने पर गृहमंत्री मिश्रा बोले कि कश्मीर में निर्दोषों की मौत (डेथ) पर चुप्पी और ड्रग्स पर यारी, वाह मेहबूबा। कश्मीर में पहचान कर लोगों को मारा जा रहा है उस पर अभी तक कुछ नहीं कहा, लेकिन ड्रग्स में फिल्म स्टार शाहरूख खान का बेटा फंस गया तो कार्रवाई को सवालों को घेरे में लाने का प्रयास कर रही हैं। वैसे मेहबूबा के लिए यह कोई नई बात भी नहीं, हर बार इस तरह के मामलों में उनका दोहरा चरित्र उजागर होता है।
मंगलवार को भाजपा की वरिष्ठ नेता विजयाराजे सिंधिया की जयंती के अवसर पर कटोराताल स्थित छत्री पर पहुंचे प्रदेश के गृहमंत्री ने कार्यक्रम में सिंधिया के पहुंचने से पहले मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवादी पहचान देखकर कश्मीर में गोली मार रहे हैं, इससे उनकी नियत समझ में आ रही है। जो भी विघटनकारी लोग हैं, अप्रत्यक्ष रूप से ये लोग टुकड़ा-टुकड़ा गैंग से जुड़े हुए लोग हैं, लेकिन हम टुकड़े-टुकड़े वाली मानसिकता को कुचलना जानते हैं और कुचल देंगे। जिससे देश में विघटनकारी शक्ति ही ना रहे।
 

जल्द होगा कोयला संकट का निदान

- प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कोयला संकट पर कहा है कि केन्द्रीय कोयला मंत्री, प्रदेश सरकार, ऊर्जामंत्री लगातार प्रयास कर रहे हैं। केन्द्रीय कोयला मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कोयले का स्टॉक लेकर चल रहे हैं। प्रदेश में भी 7 दिन का स्टॉक लेकर हम चल रहे हैं। संकट कोई ऐसा नहीं है, जिसका निदान नहीं हो सके, सरकार कोशिश में लगी हुई है और जल्द कोयला संकट का भी निदान हो जाएगा।

महबूबा मुफ्ती ने यह किया था ट्वीट

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ट्वीट कर कहा था कि आर्यन खान (अभिनेता शाहरुख खान के बेटे) को इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि वह मुसलमान है। चार किसानों की हत्या के आरोपी केंद्रीय मंत्री के बेटे के मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय केंद्रीय एजेंसियां 23 साल के लड़के के पीछे इस वजह से पड़ी हैं क्योंकि उसका उपनाम खान है। बीजेपी के कोर वोट बैंक की इच्छाओं को पूरा करने के लिए मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है।

राजमाता ने राजशाही से लोकशाही का सफर किया

- गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि वह राजमाता की जयंती पर नमन करने आया हूं, राजमाता ने राजशाही से लोकशाही तक का सफर किया। देश के लिए उन्होंने अपना सब कुछ समर्पित किया था। इसलिए उनको नमन करना जरूरी था।