जबलपुर। शहर के ऐतिहासिक दशहरा और दुर्गाेत्सव पर राज्य सरकार द्वारा कोविड बहाने जारी किये तुगलकी फरमान को लेकर आक्रोश अब बढ़ता जा रहा है जनता का मूड भांपने के बाद अब सियासी दल भी ताल ठोकने को तैयार है। कांग्रेस आज इस मसले में बैठक बुला रही है तो हिन्दूवादी संगठन भी अब मोर्चा खोलने की तैयारी भी कर रहे है। दो दिन के अंदर अगर सरकार ने गाईड लाईन नहीं बदली और प्रशासन ने अपना रवैया नहीं बदली तो बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है। सबसे पहली आपत्ति यह है कि ऐन टाईम पर शासन ने गाईड लाईन जारी की और त्यौहार प्रारंभ होने के बाद सरकार ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये, जब मूर्तिकार बड़ी-बड़ी मूर्तियां बन गई और स्थापित हो गई। अब प्रशासन कहीं डेकोरेशन को लेकर, कहीं भंडारे को लेकर, तो कहीं रात्रि ११ बजे कोरोना कफ्र्यू को लेकर अपनी बात मनवाने में लगा है। इसकों लेकर आयोजकों में आक्रोश देखा जा रहा हैं। कहा जा रहा है कि पिछले साल भी दशहरा जुलूस नहीं निकला, इस साल भी जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया गया हैं।  भारत के कोलकाता के बाद दूसरे नंबर का दशहरा जबलपुर का आता है दुर्गोत्सव में रात ११:०० बजे से कोरोना कफ्र्यू लगाने का औचित्य क्या है राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए जाने लगे हैं रात ११:०० बजे से सुबह ६:०० बजे तक के कोरोन कफ्र्यू तो कम से कम ९ दिन के लिए हटाया जाना चाहिए देवी दर्शनों को निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए चाय पानी नाश्ते की व्यवस्था के लिए दुकानें खुली रखने की छूट दी जानी चाहिए हिंदू हित की बात करने वाली मध्य प्रदेश सरकार का यह दोगला चेहरा है पिछले २ सालों से आम जनता कोई भी त्योहार नहीं मना पाए लेकिन चुनाव होते रहे रैलियां निकलती रही हाल ही में जबलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री के कार्यक्रमों में हितग्राहियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की अच्छी खासी भीड़ रही फिर दशहरे में क्यों प्रतिबंध लगाया जा रहा प्रतिमाएं रख गई है। पंडाल सज गए हैं शहर में दुर्गोत्सव का उत्साह नजर आ रहा लिहाजा राज्य सरकार से मांग की है कि इस विषय में गंभीरता से निर्णय लिया जाए ताकि गरीबों का रोजगार भी चल सके और पर्व उत्साह से मनाया जा सके अभी पुलिस रात ११:०० बजे दुकान बंद करा कर लंबी तान सो जाते है। लफंगे घूमते रहते हैं ऐसे में श्रद्धालुओं पर पाबंदी क्यों लगाई जा रही है यह समझ से परे कोविड-१९ का पालन कराना अच्छी बात है लोग मास्क लगाकर निकले सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें यहां तक तो ठीक है और लोगों की आस्था और श्रद्धा पर प्रतिबंधों का दायरा लगाना उचित नहीं जिला आपदा प्रबंधन समिति जिसमें ज्यादातर हिन्दूत्व की बात करने वालें लोग शामिल है उनसे यह उपेक्षा की जा रही है कि क्या १० आदमियों के साथ बड़ी-बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन संभंव है, नियम ऐसे बनाए जाये जिनका पालन किया जा सके और उल्लंघन भी न हो सके। जाहिर है अभी जो नियम बनायें गये है उनका उल्लंघन होगा और विवाद की स्थितियां बनेगी।

शहर कांग्रेस की बैठक आज..........
 जबलपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव ने बताया कि आज १० अक्टूबर रविवार को शाम ४:०० बजे शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय बलदेवबाग में त्योहारों को लेकर बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने नवरात्रि पर्व एवं ईद मिलादुन्नबी को मनाने में कोविड के बहाने तुगलकी फरमान जारी किया है, जिससे जनमानस में आक्रोश व्याप्त हैं। इस पर बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी। समस्त कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं से बैठक में उपस्थिति की अपील की है।

हिन्दू संगठन भी कर रहे तैयारी............
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के गाईड लाईन के मुताबिक रात ११ बजे से त्यौहार में मार्वेâट बंद करायें जाने का विरोध किया जा रहा है। हिन्दूवादी संगठन भी इसके लिये तैयारी कर रहे। नारायणी सेना, हिन्दू धर्म सेना, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, सहित अनेक संगठन शीघ्र ही इस मुद्दे को  उठाने वालें है ऐसी खबर मिल रही है। कहा जा रहा है कि रात में श्रद्धालु घूमने निकलते है और उनमें से अधिकांश व्रत रखते है। भंडारे के आयोजन पर रोक लगाई गई है। ऐसे में चाय-पान नाश्ते की दुकानों को रात भर खुले रखने की छूट दी जानी चाहिए।