कोलकाता| पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस एक-एक कर अपने सभी साथियों की पार्टी में वापसी करा रही है। गुरुवार को राजरहाट से विधायक सब्यसाची दत्ता दो साल तक बीजेपी में रहने के बाद दोबारा टीएमसी में शामिल हो गए। हालांकि, नेताओं की घर वापसी को लेकर टीएमसी के कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, 'हाल के विधानसभा चुनावों में जिन लोगों ने ममता बनर्जी का अपमान किया, उन्हें टीएमसी में वापस लाने से हमारे कार्यकर्ता नाखुश हैं। यह स्वाभाविक है कि पार्टी के गंभीर कार्यकर्ताओं को उन लोगों की वापसी पसंद न आए जो कल तक किसी और पार्टी में थे और अब एक बार फिर से टीएमसी में हैं।'सब्यसाची दत्ता ने गुरुवार को बंगाल सीएम ममता बनर्जी और दो अन्य- जाकिर हुसैन, अमीरुल इस्लाम के विधायक पद की शपथ के बाद टीएमसी जॉइन की। दत्ता बीजेपी के राज्य सचिवों में से एक थे। पार्टी में शामिल होने के बाद दत्ता ने कहा, 'मैंने एक भावुक निर्णय लिया और पार्टी सहयोगियों के साथ गलतफहमियों की वजह से बीजेपी चला गया। टीएमसी मुझे जो भी भूमिका देगी मैं उसे दिल से निभाऊंगा।'इस बीच टीएमसी के बंगाल महासचिव कुणाल घोष ने भी तंज भरे अंदाज में कहा, 'जिन लोगों को एहसास हो गया कि टीएमसी के बाहर उनका कोई अस्तित्व नहीं और वे ममता बनर्जी की शरण के बिना नहीं जी सकते, वे पार्टी में वापसी कर रहे हैं।'बता दें कि दत्ता इस साल जून माह से अब तक बीजेपी छोड़ टीएमसी में वापसी करने वाले छठे नेता हैं।