धमतरी. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी (Dhamtari) जिले में अब आत्महत्या (Suicide) के बढ़ते मामलो ने पुलिस (Police) को परेशान कर रखा है. 40 दिनों में 32 लोगो ने अपनी जान दे दी है. अब पुलिस इस समस्या को हल करने के लिये अध्यात्मिक गुरुओं की मदद लेने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है. हाल ही में धमतरी  से 15 किलोमीटर दूर छाती गांव में एक 10 साल के बच्चे ने फांसी लगा कर जान दे दी. क्योंकि बच्चे का पड़ोस के बच्चे से झगड़ा हो गया. और दूसरे बच्चे ने उसकी शिकायत उसके मां बाप से करने की धमकी दी.
घबराए मासूम ने फांसी लगा ली. इसी तरह मगरलोड में एक किशोर ने अपने व्हाट्सएप में सुसाइड करने का स्टेटस डाला और लिखा कि उसे अपने मां बाप से कोई शिकायत नहीं है. वो अपनी मर्जी से जान दे रहा है और फांसी लगा लिया. नगरी के बेलरगांव में एक 22 साल की युवती ने सुसाइड नोट लिखा कि वो अपनी मर्जी से जान दे रही है. सीलिंग फैन में फंदा लगा कर झूल गई. 40 दिनों में एक के बाद एक इसी तरह तरह के 32 मामले सामने आए.

32 घरो के आंगन से अर्थीयां उठी
धमतरी में 40 दिनों में 32 लोगों ने सुसाइड किया. अकेले जून माह में 25 लोगो ने आत्महत्या कर ली. तो जुलाई के पहले 10 दिन में 7 खुदकुशी दर्ज की गई. लगातार आत्महत्याओ से पुलिस कुछ समझ नहीं पा रही है. धमतरी के एसपी खुद इन आकडो़ से हैरान परेशान हैं. क्योकि इस समस्या का कोई ओर छोर नजर नहीं आ रहा है. 10 साल के बच्चे से लेकर 60 साल के बुजुर्ग तक अपनी जान दे रहे है. धमतरी पुलिस ने इसके लिये अध्यात्म की शक्ति प्रयोग करने की योजना बनाई है. जिसमें जिले के उन लोगो का सहयोग लिया जाएगा, जो अध्यात्म से जुड़े हैं और लोगो में सकारात्मक उर्जा भर सकते है. ऐसे लोगो की टीम गावो में जाएगी और लोगो में पाजीटिवीटि लाने की कोशिश करेगी.